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भाजपा से गुर्जर समाज की नाराजगी भुना नहीं पाई सपा

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ग्रेटर नोएडा (जेपी शर्मा)। गौतमबुद्घ नगर में समाजवादी पार्टी इस बार भी जीत का स्वाद नहीं चख पाई है। मिहिर भोज प्रतिमा प्रकरण के बाद गुर्जर समाज के लोगों की नाराजगी का लाभ उठाने के लिए पार्टी ने दादरी से गुर्जर प्रत्याशी राजकुमार भाटी और जेवर से गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर आरएलडी के अवतार सिंह भड़ाना पर दांव लगाया। गुर्जर समाज की भाजपा से नाराजगी और रालोद से गठबंधन कर पार्टी यह मानकर चल रही थी कि इस बार जीत हासिल कर लेगी, लेकिन दोनों ही प्रत्याशी मतगणना शुरू होने के बाद पहले चरण से ही पिछड़ते गए। हालांकि पार्टी के लिए राहत की बात यह रही कि नोएडा, दादरी और जेवर तीनों सीटों पर सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे।
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दादरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 सितंबर को सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया था। इस दौरान गुर्जर समाज के लोगों ने प्रतिमा के शिलापट्ट पर लिखे सम्राट मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर शब्द पर काला पेंट करने का आरोप भाजपा नेताओं पर लगाया था। इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था और क्षेत्र में भाजपा नेताओं का जबरदस्त विरोध किया गया था। गुर्जर समाज की ओर से की गई पंचायतों में भाजपा को वोट न देने का आह्वान किया और चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि उस दौरान भाजपा से जुड़े गुर्जर नेता मामले को तूल देने के पीछे सपा नेताओं का हाथ मान रहे थे। इस मामले के दौरान कुछ सपा नेताओं सहित अन्य लोगों पर केस भी दर्ज किए गए थे।
सपा का रालोद से गठबंधन होने के बाद पार्टी मानकर चल रही थी कि अब चुनावों में भाजपा का कड़ी टक्कर देगी। इसी के मद्देनजर दादरी से राजकुमार भाटी और जेवर में अवतार भड़ाना को मैदान में उतारा गया। इसके बाद दोनों सीटों पर जोरदार मुकाबला होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन भाजपा के वोटरों ने हर बात को भुलाकर पार्टी के पक्ष में वोट किया। नतीजा यह रहा कि तीनों सीटों पर भाजपा को बड़ी जीत मिली और सपा-रालोद गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा।
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सोशल मीडिया नहीं साइलेंट वोटर ने सुनिश्चित की जीत
मतदान से पूर्व भी मिहिर भोज प्रकरण खूब हवा दी गई थी। इससे दादरी और जेवर सीट पर मुकाबला रोचक बन गया था, लेकिन मतगणना के बाद घोषित नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि सोशल मीडिया पर सक्रिय मतदाता और समर्थकों को दरकिनार कर साइलेंट वोटर ने तीनों सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित की।
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