गांवों के सामुदायिक केंद्रों में बनेंगे स्किल डेवलपमेंट सेेंटर
ग्रेटर नोएडा। महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा के गांवों के सामुदायिक केंद्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनेंगे। साथ ही अब ग्रेटर नोएडा में मैनहोल की सफाई सिर्फ रोबोट से होगी। मैनुअल सफाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गांधी जयंती पर प्राधिकरण दफ्तर में आयोजित कार्यक्रम में सीईओ नरेंद्र भूषण ने कहा कि ग्रेनो के हर गांव को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। 14 गांवों में काम जल्द शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए वैपकोस एजेंसी को सलाहकार नियुक्त किया गया है। इन गांवों में बिजली, पानी, सड़क सामुदायिक केंद्र, सार्वजनिक शौचालय आदि बनाए जाएंगे। इन सभी गांवों के सामुदायिक केंद्रों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी बनेंगे, जिससे महिलाएं हुनरमंद और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बताया कि ग्रेनो में सीवर मैनहोल की मैनुअल सफाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब सिर्फ रोबोट से ही मैनहोल की सफाई होगी। उन्होंने कूड़े को सही ढंग से निस्तारित करने के लिए पांच जोन बनाए जाने की भी जानकारी दी। इस दौरान एसीईओ दीप चंद्र, केके गुप्त, ओएसडी सचिन कुमार सिंह व शिव प्रताप शुक्ल, जीएम वित्त एचपी वर्मा, जीएम समाकांत श्रीवास्तव व पीके कौशिक आदि मौजूद रहे।
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निर्माण सामग्री से बनेंगी ईंट व टाइल्स
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो में निर्माण साइटों पर अवशेष सामग्री को रिसाइकिल कर ईंट व टॉइल्स बनाई जाएंगी। इसके लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया प्राधिकरण ने शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट निकाला है। इच्छुक कंपनी को 22 अक्तूबर तक आवेदन करना है। उसके बाद प्लांट लगाने का काम शुरू होगा, फिलहाल निर्माण साइटों के अवशेष को गड्ढे भरने में इस्तेमाल किया जा रहा है।