शिव नादर विश्वविद्यालय में 18 मई को छात्रा नेहा की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपी छात्र अनुज ने दो महीने में चार बार हमला किया था। 14 मार्च को शिव नादर विवि प्रशासन को ईमेल कर छात्रा ने उत्पीड़न की कहानी बयां की थी। पिता की शिकायत पर दादरी पुलिस ने चार युवक और शिव नादर विवि प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज की है।
ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित शिव नादर विश्वविद्यालय में 18 मई को छात्रा नेहा की हत्या कर सहपाठी अनुज के खुदकुशी के मामले में पुलिस ने सात दिन बाद विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने नेहा के अधिवक्ता पिता राजकुमार चौरसिया की तहरीर पर छात्र अनुज, विवि कर्मचारी आशुतोष पांडेय, करण और कानपुर के अंशू को नामजद कर व विवि प्रशासन पर आईपीसी की धारा 302, 120 बी के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
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इधर, परिजन को नेहा का एक ईमेल भी मिला है। 14 मार्च 2023 को नेहा ने ईमेल के जरिए विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की थी कि अनुज उस पर दो महीने में चार बार हमला कर चुका है। उसके शरीर पर हमले के निशान भी मौजूद हैं। नेहा की शिकायत के दो माह बाद भी विवि प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी और न ही पुलिस व परिजन को अवगत कराया।
अधिवक्ता राजकुमार चौरसिया ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी नेहा का एक ईमेल मिला है। इसमें लिखा है कि उसकी अपने सहपाठी अनुज कुमार से 2 साल से दोस्ती थी, लेकिन कुछ अंदरूनी विवाद के चलते उससे संबंध तोड़ दिया था। इसके बावजूद अनुज मानने को तैयार नहीं था और लगातार उसे परेशान कर रहा था। नेहा ने लिखा कि यह चौथी बार है जब अनुज ने दो महीने के अंतराल में उस पर हमला किया है।
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अनुज ने नेहा का गला दबाया था, इससे वह बेहोश भी हो गई थी। वह मानसिक रूप से परेशान हो चुकी थी। नेहा इस विवाद के बारे में परिजन को जानकारी नहीं देना चाहती थी। इसका जिक्र उसने अपनी ईमेल में भी किया था। नेहा ने लिखा है कि अनुज के पास उसके परिवार के नंबर हैं। वह उनसे भी संपर्क कर उसे परेशान कर सकता है। उसने विवि प्रशासन से मांग की थी कि वह इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई करें।
मेसकर्मी, वीडियो ग्राफर, होटलकर्मी व विवि प्रबंधन पर दर्ज हुआ केस
अमर उजाला ने बुधवार को मेसकर्मी और वीडियो ग्राफर पर आएगी जांच की आंच हेडलाइन से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें अनुज के सुसाइड वीडियो के आधार पर परिजन के आरोप लगाने व पुलिस के केस दर्ज करने की आशंका जताई गई थी। समाचार में विवि प्रबंधन की नेहा की शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं करने की लापरवाही को भी उजागर किया गया था।
बुधवार को खबर प्रकाशित होने के बाद परिजन ने इसी आधार पर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी व थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अब बृहस्पतिवार को पुलिस ने तहरीर के आधार पर मेसकर्मी आशुतोष पांडेय, वीडियोग्राफर करन, कानपुर का होटलकर्मी अंशु व विवि प्रशासन पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस इस मामले में नोटिस देकर या सीधे नामजद किए गए आरोपी युवकों व विवि प्रबंधन से पूछताछ करेगी।
साजिश के तहत की गई हत्या
नेहा के पिता ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि अनुज उनकी बेटी को कई दिन से परेशान कर रहा था और अनैतिक कार्य के लिए दबाव बना रहा था। इसकी शिकायत नेहा ने विवि प्रशासन से की थी लेकिन कोई उपयुक्त कार्रवाई नहीं की गई। अनुज ने नेहा की हत्या की। इसका सीसीटीवी फुटेज और अनुज का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें विश्वविद्यालय के कर्मचारी आशुतोष पांडेय, करण और कानपुर के अंशू का जिक्र किया गया है। इससे पता चलता है कि नेहा की हत्या साजिश के तहत की गई है। विश्वविद्यालय का प्रभावी कदम नहीं उठाना भी इसका एक कारण है।
जान से मारने की धमकी देने पर किया था ईमेल
नेहा ने विवि प्रबंधन को की गई ई-मेल में लिखा है कि अनुज ने आज उसे खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। स्नेहा ने ईमेल की शुरूआत में ही लिखा है आपसे हुई बातचीत के आधार पर वह शिकायत कर रही है। इससे पता चलता है कि नेहा ने मौखिक रूप से भी शिकायत की थी। हैरानी की बात यह है कि अनुज के जान से मारने की धमकी की शिकायत को भी विवि प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।
शिव नादर विवि ने रखा अपना पक्ष
शिव नादर विवि ने सात दिन बाद केस दर्ज होने पर अपनी सफाई दी है। विवि प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि छात्रा नेहा की ओर से शिकायत दी गई थी। मगर जब उससे औपचारिक शिकायत मांगी तो उसने अनुज के खिलाफ कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि उनके परिजन इस कार्रवाई पर कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। विवि प्रशासन का कहना है कि समय-समय पर उनकी ओर से कार्रवाई की गई है। उनकी ओर से नेहा के लैपटाप को जबरन खोलने के मामले में भी शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया था। मगर उसने ऐसा नहीं किया। इसमें विवि ने कोई लापरवाही नहीं बरती है, बल्कि समय-समय पर काउंसलिंग भी कराई गई थी।