-धड़ल्ले से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे से ओवरलोड निजी बसें निकलती हैं
दीपक शर्मा
दनकौर। यमुना एक्सप्रेसवे पर रात के वक्त बस और ट्रक आदि वाहनों में क्षमता से अधिक वजन का सामान दिल्ली से दूर-दूर तक के शहरों में लेकर भेजा जाता है। आए दिन वाहन असंतुलित होकर पलट जाते हैं और हादसे का कारण बनते हैं। मंगलवार रात को भी बस की क्षमता 50 सवारी की थी, लेकिन 60 लोग बस में सवार थे और छत पर लघु उद्योग करने वाले लोगों का समान लदा हुआ था, जिससे बस संतुलित होकर पलट गई।
पुलिस के मुताबिक हादसा हुई बस पर कई जिलों में नियमों के उल्लंघन के करीब 15 चालान हैं। इससे पता चलता है कि परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारी ओवरलोड वाहनों पर कैसी और कितनी कार्रवाई करते हैं, जबकि दिल्ली से नोएडा और आगरा तक 20 से अधिक थाना क्षेत्रों से गुजर कर बस निकलती है।
दिल्ली के निजामुद्दीन और अन्य अंतरराज्यीय बस अड्डे से निजी बसें बनारस, आगरा, प्रयागराज आदि के लिए सवारियां लेकर रोजाना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से एंटर करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे होकर निकलती हैं। एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर रातभर लोग बसों के लिए खड़े दिख जाते हैं। बस में दिल्ली से ही सवारी पूरी होने के बाद भी चालक और परिचालक कमाई के लालच में रास्ते से अधिक सवारी और समान भर लेते हैं। निजी बसों पर छह फुट तक सामान लदा रहता है। कई बार तो यह रास्ते में आने वाले लगभग ब्रिज की ऊंचाई तक होते हैं। साधारण सामान की अपेक्षा कई गुना तक इन बसों में सामान ओवरलोड रहता है।
पहले भी हुए हादसों के बाद भी नहीं चेता विभाग : बस संचालक व चालकों को परिवहन विभाग की कार्रवाई का भी डर नहीं रहता है। जुलाई माह में आगरा से दिल्ली जा रही सवारियों से भरी एक बस एक्सप्रेस वे से पलटकर नीचे गिर गई थी, जिसमें कई सवारी घायल हुई थीं। उससे पहले एक ओवरलोड मिर्ची से भरा एक कैंटर असंतुलित होकर पलट गया था। इन हादसों के बाद प्राधिकरण और परिवहन नियम तो बनाते हैं, लेकिन नियमों का पालन नही हो पाता है।