डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत देकर प्रक्रिया पर जताई थी आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉक्टरों की शिकायत के बाद दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) की चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई है। डीएमसी के पूर्व सदस्य डॉ. पंकज सोलंकी ने बताया कि स्टेट मेडिकल रजिस्टर (एसएमआर) के अंतिम रूप से प्रकाशित होने से पूर्व डीएमसी के चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ करने और मेडिकल कॉलेज प्रतिनिधियों के पूर्व चयन की अवैध कार्रवाई के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित अधिकारियों को पत्र लिखा था।
काउंसिल ने आठ सदस्यों के चुनाव के लिए एसएमआर को अपेडट करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस संबंध में नोटिस जारी कर काउंसिल के पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर्स को 8 से 15 दिसंबर तक अपना नाम एवं विवरण सत्यापित करने के निर्देश दिए गए थे। डॉ. पंकज ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों को 15 दिसंबर तक अपने प्रतिनिधि चुनने का अवैध निर्देश दिया गया था। जिन डॉक्टरों के एसएमआर में दर्ज नहीं है उनका कॉलेज चुनाव प्रतिनिधि चुनाव में भाग लेना सहित कई दूसरे बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। डीएमसी में 25 सदस्य होते है। इसमें दस मेडिकल कॉलेजों के एक-एक, डीएमए का एक, डीयू के चिकित्सा विज्ञान संकाय के डीन व डीजीएचएस स्वयं सदस्य होते हैं। चार सदस्यों को दिल्ली सरकार मनोनीत करती है जबकि आठ सदस्यों को डीएमसी में पंजीकृत डॉक्टर चुनाव प्रक्रिया के जरिये निर्वाचित करते हैं। इस निर्देश में दस कॉलेज प्रतिनिधियों और चार सरकारी नामांकित सदस्यों यानी 14 सदस्यों का चुनाव से पूर्व चयन से चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रहती है। इसे लेकर भी आपत्ति थी।
चुनाव में अनियमितताओं के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी तथ्यों को देखते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि एसएमआर के अपडेट और प्रकाशन से पहले कोई भी चुनाव गतिविधि आगे नहीं बढ़ेगी। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने चुनाव को अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया है। बता दें कि काउंसिल को 17 जून को भंग कर दिया गया था। सरकार ने दो महीने में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। दिल्ली में 80 हजार के करीब पंजीकृत प्रैक्टिशनर्स है।