ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के पेपर लीक केस के आरोपी निलंबित सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय और प्रिंटिंग प्रेस मालिक राय अनूप प्रसाद का अदालत ने पुलिस रिमांड मंजूर कर लिया। हालांकि पुलिस को मंगलवार सुबह आठ बजे से शाम सात बजे तक रिमांड की मंजूरी मिली। इसके चलते पुलिस को इस प्रकरण के आरोपियों से 11 घंटे में महत्वपूर्ण जानकारियां उगलवानी होंगी, जिससे इस मामले की जांच आगे बढ़ सके और अन्य आरोपियों के नाम सामने आएं व गिरफ्तारी की जा सके।
यूपीटीईटी परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने की जानकारी होने पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस मामले में 30 नवंबर को सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। वहीं, एसटीएफ ने प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राय अनूप प्रसाद व निलंबित किए गए संजय उपाध्याय को गिरफ्तार किया था। दोनों से जांच टीम ने गहनता से पूछताछ की, लेकिन शुरुआती पूछताछ में जांच टीम को कई महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं मिल पाईं थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गहन जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
वहीं, पुलिस ने जेल भेजे गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ के लिए अदालत में पांच दिन की रिमांड पर लेने की याचिका दायर की। याचिका में पुलिस ने कहा था कि यह बड़े स्तर का फर्जीवाड़ा है, इसमें मुख्यरोपियों के अलावा कई अन्य आरोपी जुड़े हो सकते हैं। यह पता लगाना जरूरी है कि आरोपियों ने किस-किस से और कितने रुपये में प्रश्नपत्र का सौदा किया था। इसके बाद कितने आरोपियों को प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। अदालत ने 11 घंटे की रिमांड को मंजूरी दी। मंगलवार को पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लाकर पूछताछ करेगी और शाम को सात बजे अदालत में पेश कर जेल भेजेगी।