Scuffle among farmers for DAP, women lined up outside the distribution center since morning
तावडू। शहर की नई अनाज मंडी में रविवार को भी डीएपी के लिए किसानों में धक्का-मुक्की हुई। सुबह चार बजे से ही बड़ी संख्या में महिलाएं पानी की बोतलों और हाथों में खाना लेकर डीएपी वितरण केंद्र के बाहर बैठ गईं।
किसानों की भीड़ को देखते हुए रविवार को जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणियां ने सुबह पांच बजे ही पुलिसकर्मियों की एक बस तावडू भेजकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी थी। लेकिन, डीएपी के लिए मारामारी जारी रही। सुबह बारिश होने के बावजूद महिलाएं और किसान लाइन में लगे भीगते रहे। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मी एक बार में पांच किसानों को टोकन देने के लिए बारी-बारी से अंदर भेज रहे थे। उनके बाहर निकलने के बाद ही अगले पांच किसानों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। उपमंडल अधिकारी तावडू सुरेंद्र पाल और उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजीत सिंह सहित तहसीलदार तावडू शालिनी लाठर लगातार निगरानी रखे हुए थे। उपमंडल अधिकारी टोकन व्यवस्था संभालने के साथ ही डीएपी वितरण केंद्रों की भी समीक्षा कर रहे थे।
जहां डीएपी के लिए किसान और महिलाएं घंटों से लाइनों में लगी रहीं। वहीं एसडीएम कार्यालय की खिड़की से कुछ कर्मचारी मिलीभगत कर डीएपी के टोकन गलत तरीके से देते नजर आए। इस बारे में जब उपमंडल अधिकारी सुरेंद्र पाल से पूछा तो बताया कि गरीब किसानों के साथ यह धोखाधड़ी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद वितरण में पूरी पारदर्शिता लाना उनकी जिम्मेदारी है। वह स्वयं खाद्य वितरण केंद्रों पर जाकर इसकी जांच कर रहे हैं। इसके बावजूद भी यदि किसी कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बरती जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिला उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह का कहना है कि डीएपी के संबंध में किसी प्रकार की अफवाह न फैलाएं। जिले के सभी किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से समय रहते डीएपी उपलब्ध कराई जाएगी। जल्द ही कुछ और रैक लगने वाले हैं। गेहूं की बिजाई से पहले सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद मिल जाएगी। खाद वितरण में किसी कर्मचारी द्वारा गड़बड़ी की गई तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होना निश्चित है।