नूंह। दो साल पूर्व इंडरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की इमारत को नया बनाने के नाम पर शिक्षा विभाग द्वारा भवन को तुड़वा दिया गया लेकिन उसके बाद निर्माण कराना भूल गया। जिसकी वजह से विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं बारिश के दिनों में विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को जारी रखना मुश्किल हो जाता है। स्कूल में 10 कमरों का निर्माण कराया जाना था।
स्कूल में भवन के नाम पर मात्र दो कमरे हैं। एक कमरे में कार्यालय व एक कमरे में अन्य सामान रखा गया है। हल्की सी बरसात होने पर विद्यार्थियों को वापस अपने घरों को लौटना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक इसके समाधान के नाम पर कुछ नहीं किया गया है।
इंडरी निवासी ग्रामीण कमल सरपंच, प्राचार्य गोविंद, प्रवीन चेयरमैन, देवी सिंह प्रधान, रणजीत नंबरदार, सुखबीर एडवोकेट, जितेंद्र पंवार, दीपक कुमार, सतीश कुमार, नरेंद्र, लालाराम, ओमप्रकाश विजय, राजकुमार व मुंशी मास्टर ने बताया कि उनका गांव क्षेत्र के बड़े गांवों में शुमार है। इंडरी गांव के अलावा क्षेत्र के राहुका, नवाबगढ़, बड़ेलाकी, खानपुर, खेड़ली दोसा, कुतुबगढ़ व मेलावास सहित अन्य कई गांवों के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। विभाग द्वारा करीब दो साल पूर्व इस भवन को तुड़वा दिया था।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से मांग की है कि उनकी इस समस्या का जल्द समाधान कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द निर्माण कार्य नहीं कराया तो वह स्कूल के गेट पर ताला जड़कर रोष प्रकट करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके स्कूल के साथ तोड़े गए कई स्कूलों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उनके साथ विभाग द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। जिससे अभी तक स्कूल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
इस बारे में जांच कराई जाएगी। विद्यार्थियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।- सुरेश गोरिया, जिला शिक्षा अधिकारी
फोटो ऱ् स्कूल मैदान में भरा पानी।
ऱ् स्कूल की बिल्डिंग तोडऩे के बाद पड़ा मलबा।