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दिल्ली जल बोर्ड में 3,237 करोड़ का घोटाला : भाजपा

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प्रेसवार्ता में मीनाक्षी लेखी और वीरेंद्र सचदेवा ने उठाए सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली जल बोर्ड में 3,237 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा किया। उन्होंने जल बोर्ड के बैंक खातों की स्टेटमेंट व वित्तीय रिपोर्ट का जिक्र करते कहा कि वर्ष 2018-19 से 2022-23 के बीच बोर्ड के वित्तीय खर्च के बारे में कई जानकारियां छिपाई गईं हैं। वर्ष 2017-18 के बाद से बोर्ड के खातों की डिटेल डिक्लरेशन भी सही ढंग से नहीं की गई है। बोर्ड में इसी तरह के कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं हैं।
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उन्होंने बताया कि बोर्ड ने अपने 450 से अधिक बैंक खातों में से लगभग 110 को बैलेंस शीट में दिखाया ही नहीं है। इनमें 77 खातों में लगभग 100 करोड़ से अधिक की राशि पड़ी हुई है। कई खातों के आगे शून्य दिखाया गया है जबकि उनमें करोड़ों रुपये पड़े हैं। बोर्ड के हिसाब-किताब में लगभग 300 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी ही नहीं है। बोर्ड की 2018 की वित्तीय रिपोर्ट में 1,167 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब ही नहीं है। बैंक एडजस्टमेंट के नाम पर लगभग लगभग 117 करोड़ रुपये की एंट्री दिखाई गई है, जो कहीं से भी जायज नहीं लग रही है। लगभग 135 करोड़ रुपये की एफडी प्रमाणपत्रों की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। बोर्ड की वित्तीय स्टेटमेंट में खर्च नहीं होने वाली राशि में लगभग 1,601 करोड़ रुपये दिखाए गए हैं, जबकि बोर्ड के खातों में यह राशि कहीं दिख नहीं रही है। सवाल उठता है कि जब पैसा खर्च ही नहीं हुआ, तो पैसा खातों में क्यों नहीं है। लगभग 600 करोड़ रुपये के काम के लिए 12 हजार वर्क आर्डर निकालकर काम सौंपा भी गया। इसके अलावा गैरकानूनी तरीके से वाटर टैंकर का भुगतान किया गया, जिससे प्रोजेक्ट कॉस्ट 35 प्रतिशत बढ़ गई। बोर्ड ने टैंकर से वाटर सप्लाई के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये बढ़ाकर भुगतान किया गया, जबकि इस मद में 637 करोड़ रुपये का ही भुगतान करना था।
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