सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी का कहना है कि इस बार गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी जीतेगी। भाजपा में अंर्तकलह है और वर्तमान भाजपा सांसद का विरोध भी काफी है, इसलिए पार्टी आलाकमान गुर्जर कार्ड खेलने पर भी विचार कर रही है।
कांग्रेस से गठबंधन के बाद गौतमबुद्ध नगर लोकसभा की सीट समाजवादी पार्टी के खाते में आई है। जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा की जाएगी। अब तक जिले के ही चार नेताओं ने टिकट मांगा है। इसके लिए दो दिन बाद संगठन की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुलाई है।
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सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी का कहना है कि इस बार गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी जीतेगी। भाजपा में अंर्तकलह है और वर्तमान भाजपा सांसद का विरोध भी काफी है, इसलिए पार्टी आलाकमान गुर्जर कार्ड खेलने पर भी विचार कर रही है।
भाटी का कहना है कि यदि किसी कारण वर्तमान सांसद का टिकट कटा और पैराशूट प्रत्याशी आया तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता ही नहीं जनता भी उसे मंजूर नहीं करेगी, इसलिए भाजपा जितना आसान गौतमबुद्ध नगर सीट को समझ रही है उतना नहीं है। लोकसभा सीट सपा के हिस्से में आने पर पदाधिकारी गदगद हैं। इतना ही नहीं, वह भाजपा को हराकर इस सीट पर विजयी होने का दावा कर रहे हैं। यहां पर दो से ढाई लाख मतदाता गुर्जर होने का दावा किया जाता है। इसके अलावा मुस्लिम और कांग्रेसी मतदाताओं के अलावा कुछ दलित वोट पर भी डोरे डालने की योजना है। इसके अलावा भाजपा की अंर्तकलह भी सपा के लिए काफी लाभप्रद हो सकती है।
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विकास का झूठा शोर करेगा भाजपा को पस्त
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी का कहना है कि भाजपा ने विकास के नाम पर सिर्फ शोर मचाया है, जबकि कोई ठोस कार्य जनता के लिए नहीं किया है। वहीं, किसान अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन केंद्र से लेकर प्रदेश तक कहीं उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। यह विरोध भाजपा को पस्त करने के लिए काफी है।
बसपा फिर लगाएगी मतदाताओं में सेंध
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछली बार सपा और बसपा का गठबंधन था और करीब पांच लाख के आसपास मत सतबीर नागर को मिले थे। इस बार बसपा का प्रत्याशी अलग से लड़ेगा और सपा-बसपा अलग तो भाजपा के लिए सीट निकालना मुश्किल हो सकता है।