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अमीर घर से है सीमा!: सचिन की 10 हजार की नौकरी, फिर कहां से आए महंगे फोन-टीवी; पड़ोसियों की जुबानी पूरी कहानी

Mon, 03 Jul 2023 04:43 PM IST
Vikas Kumar जेपी शर्मा/दीपक सिंघल, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा/रबूपुरा

सार

सचिन के प्यार में पाकिस्तान की सीमा हैदर फ्लाइट से दो बार सचिन से मिलने नेपाल आई थी। इस बार सचिन के साथ जीने मरने की कसमें खाकर सीमा पहले फ्लाइट से नेपाल आई और फिर बस से तीन बेटियों और एक बेटे के संग रबूपुरा में आकर रहने लगी। 
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सीमा हैदर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सचिन के प्यार में पाकिस्तान की सीमा हैदर फ्लाइट से दो बार सचिन से मिलने नेपाल आई थी। इस बार सचिन के साथ जीने मरने की कसमें खाकर सीमा पहले फ्लाइट से नेपाल आई और फिर बस से तीन बेटियों और एक बेटे के संग रबूपुरा में आकर रहने लगी। सीमा हैदर के संबंध में जानकारी जुटाने में जुटी एजेंसी और पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। बताया गया है कि सीमा और सचिन की ऑनलाइन पहचान वर्ष 2020 में हुई थी। सीमा का कराची में रहने वाला पति हैदर व्यापार करता है।

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कुछ सालों से हैदर सीमा को प्रताड़ित करने लगा था और उस से दूरी बनाने लगा था। इसके चलते सीमा की सचिन से निकटता बढ़ती चली गई और दोनों ने जीवन भर साथ रहने का वादा कर लिया। डेढ़ माह पहले सचिन से संपर्क करने के बाद सीमा फ्लाइट से पाकिस्तान से नेपाल के काठमांडू पहुंची नेपाल में ही सीमा ने पाकिस्तान की करेंसी को एक्सचेंज किया। इसके बाद वह बस में सवार होकर बच्चों संग यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते रबूपुरा आ गई।

10 हजार वेतन में चार बच्चों संग जीवन जीने लगे सीमा और सचिन
पाकिस्तान की सीमा हैदर और सचिन ने ऑनलाइन पहचान होने के बाद साथ में जीने मरने की कसमें खाई थीं। इसके बाद ही सीमा पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते 13 मई को रबूपुरा पहुंची और परचून की दुकान में 10 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी करने वाला सचिन उसके साथ जीवन यापन करने लगा। सीमा के कमरे में स्मार्ट एलईडी लगा है। पड़ोसियों का कहना है कि उसके पास कई स्मार्ट फोन थे, जिनसे उसके बच्चे भी अक्सर खेलते दिखाई देते थे। मोबाइल से ही कनेक्ट कर वह एलईडी देखती थी। पुलिस टीम ने उसके कमरे में छानबीन कर कुछ सामान कब्जे में लिए हैं।

सचिन ने आंबेडकर नगर के गिरजेश से 2500 रुपये महीने में कमरा किराये पर लेकर सीमा व उसके बच्चों को रखा था। गिरजेश का कहना है कि कमरा किराये पर देने से पहले सचिन का पहचान पत्र उसने लिया था। लेकिन सचिन ने सीमा का कोई पहचान पत्र गिरजेश को नहीं दिया था। 

सचिन ने गिरजेश को बताया था कि सीमा बुलंदशहर के शिकारपुर के पास अहमदगढ़ क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। सचिन ने सीमा को कोर्ट मैरिज कर लाने का हवाला दिया था। उधर, सचिन के पड़ोसियों ने जानकारी दी है कि उसके पिता व भाई नर्सरी चलाते हैं। सचिन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है। 

सचिन ने अपने पड़ोस में भी महिला के संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी थी। लेकिन जब से सीमा रबूपुरा में आई थी तबसे सचिन रात को अपने घर न जाकर सीमा के कमरे पर ही रहता था। हालांकि वह दिन में कभी कभी घर चला जाता था। सचिन व सीमा अब किसी भी सूरत में अलग नहीं होना चाहते थे। इसके चलते वह कानूनी सलाह ले रहे थे। पुलिस ने सचिन के परिजन से भी पूछताछ की है।
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मोबाइलों से खुलेंगी सरहद पार के प्यार की परतें
जांच टीम सचिन व सीमा की मोबाइल आदि की भी जांच में जुटीं हैं। मोबाइल की कॉलिंग, इंटरनेट के इस्तेमाल आदि के जरिये टीम सीमा के संबंध में गहनता से जांच में जुटी हैं। मोबाइल की जांच से ही सीमा और सचिन के सीमा पार के प्यार की परतें खुलेंगी। सूत्रों का ये भी कहना है कि सीमा और सचिन की पहचान फेसबुक के जरिये हुई। बाद में दोनों एक दूजे के होने के लिए रुपयों की व्यवस्था करने के लिए ऑनलाइन गेम खेलने लगे थे।
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