दो बेड पर मिलेगी सुविधा, मरीज का तापमान कम करने के लिए बर्फ के साथ टब रखे
80 प्रतिशत मामलों में हीट स्ट्रोक से हो जाती है मौत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हीट स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत राहत देने के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बुधवार को हीट स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत हुई। आपातकालीन विभाग में शुरु हुए इस अत्याधुनिक यूनिट का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव रोली सिंह ने किया।
इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने कहा कि हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है। ऐसे मरीजों का तुरंत तापमान कम करने की आवश्यकता होती है। इसे देखते हुए आपातकालीन विभाग में विशेष यूनिट को शुरू किया गया है। मौजूदा समय में यह यूनिट दो बिस्तर के साथ सेवा देगी। यहां पर अलग से टब भी लगाए गए हैं। अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने बताया कि इस यूनिट की मदद से आपातस्थिति में भी मरीज की रक्षा की जा सकेगी। यदि किसी मरीज को हीट स्ट्रोक की दिक्कत होती है तो उस पर पानी का छिड़काव करते हुए तुरंत अस्पताल लाना चाहिए। यदि मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलता तो 80 फीसदी मामलों में मौत तक हो सकती है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे ही हीट स्ट्रोक की आशंका भी बढ़ रही है। ऐसे में यह यूनिट काफी मददगार साबित होगी। इस यूनिट में बर्फ के कंटेनर के साथ दो टब रखे गए हैं। इसकी मदद से मरीज के तापमान को तुरंत नीचे लाया ला सकेगा। इस यूनिट को त्वरित शीतलन उपचार से लेकर विशेषज्ञ चिकित्सा पर्यवेक्षण, गर्मी में थकावट व हीट स्ट्रोक, किसी भी अन्य गर्मी से संबंधित बीमारियों से पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए तैयार किया गया है।
एम्बुलेंस भी की गई है तैयार
आपातकालीन चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. सीमा बालकृष्ण वासनिक ने कहा कि हीट स्ट्रोक के रोगियों को लाने के लिए एम्बुलेंस की तैयार की गई है। इस एम्बुलेंस में विशेष सुविधाएं होंगी। हीट स्ट्रोक रोगी प्रबंधन में समय ही सब कुछ है।