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Noida News: याद रखो...निर्माण में देरी हुई तो सस्पेंड तो होगे ही जेल भी जाओगे

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विरासत गलियारा सहित अन्य परियोजनाओं में देरी पर अधिकारियों पर जमकर बरसे कमिश्नर
रात में अधिकारियों के साथ कार्यों के प्रगति की समीक्षा की, 10 दिन में रजिस्ट्री कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले में चल रही 10 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के निमार्ण में हो रही देरी की समीक्षा के दौरान बृहस्पतिवार को कमिश्नर अनिल ढ़ींगरा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर जमकर बरसे। कहा- इतना याद रखो कि देरी हुई तो सस्पेंड भी होगे और मुकदमा दर्ज कराकर जेल भी भेजे जाओगे। किसी कीमत पर तय समय के अनुसार काम को पूरा करना है। श्रमिक बढ़ाकर रात में काम कराएं। कमिश्नर के तेवर देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। इसके बाद कमिश्नर और डीएम ने पांडेयहाता जाकर विरासत गलियारा के निर्माण कार्य को देखा।

कमिश्नर ने आयुक्त सभागार में रात में हुई विरासत गलियारा की समीक्षा के दौरान कहा कि 10 दिन में सारी रजिस्ट्री हो जानी चाहिए। इस पर अधिकारियों ने कहा कि सर्वर में समस्या के चलते देरी हो रही है। इस पर कमिश्नर ने निबंधन अधिकारियों से पूछा। एआईजी स्टांप व निबंधन अधिकारियों ने कहा कि हम पूरी रात रजिस्ट्री कराने को तैयार हैं। इस पर कमिश्नर ने कहा कि काम को लेकर यह भावना होनी चाहिए।
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उन्होंने विरासत गलियारा, असुरन-पिपराइच सिक्सलेन, नकहा फ्लाईओवर, खजांची फ्लाईओवर, गोरखनाथ फ्लाईओवर, हड़हवा फाटक फ्लाईओवर के निर्माण में हो रही देरी पर सवाल पूछे। विरासत गलियारा और अन्य सड़क चौड़ीकरण पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन ने कहा कि कार्य की प्रगति ठीक है। कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए कहा-मैं भी देख रहा हूं। बरगालने की कोशिश मत करो। काम अगर टाइम लाइन के अनुसार पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है। किसी तरह की बहानेबाजी सुनने वाला नहीं हूं। जमीन विवाद का बहाना नहीं चलने वाला है। ऐसे मामलों में सामंजस्य बनाकर विवाद सुलझाएं।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्री कार्य के लिए देर रात कानूनगो और लेखपाल काम कर रहे हैं। उधर, रात करीब 11 बजे विरासत गलियारा का निर्माण कार्य देखने गए कमिश्नर को श्रमिक काम करते मिले। उन्होंने कहा कि रातभर काम होना चाहिए।
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दोनों पक्ष आधा-आधा हिस्सा तय करें, सुलझ जाएगा विवाद
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश भूमि और मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। अब केवल कुछ विवादित संपत्तियों में किरायेदारों और मकान मालिकों के बीच समझौते की कमी के कारण प्रक्रिया अटकी है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। कमिश्नर ने सुझाव दिया कि यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से आधा-आधा हिस्सा तय कर लें तो विवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा।


बैठक में मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, डीएम दीपक मीणा, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, तहसीलदार जेएन सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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