ग्रेटर नोएडा। बारिश ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की आबोहवा को काफी साफ कर दिया है। सोमवार को दोनों शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डार्क रेड जोन से बाहर निकलकर ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। वायु प्रदूषण में करीब 200 अंक का सुधार हुआ है। अभी प्रदूषण में और सुधार होने की उम्मीद है। एनसीआर के बाकी शहरों के प्रदूषण में भी सुधार है। पिछले एक सप्ताह से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा काफी प्रदूषित थी। एक्यूआई डार्क रेड जोन में 400 के पार चल रहा था। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तमाम गाइडलाइन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व ग्रेनो प्राधिकरण की कार्रवाई करने का दावा कर रहे थे, लेकिन किसी तरह का कोई असर नहीं दिखा रहा था।
जो विभाग नहीं कर सके, वह बारिश ने कर दिखाया। रविवार शाम बारिश से वायु प्रदूषण में काफी सुधार हुआ है। सोमवार को नोएडा का एक्यूआई 226 रहा, जो एक दिन पहले 435 था। इसी तरह ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 426 से 242 पहुंच गया है। दोनों शहर के वायु प्रदूषण में करीब 200 अंक का सुधार हुआ है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। वहीं, एनसीआर के अन्य शहरों का एक्यूआई भी डार्क रेड जोन से बाहर आ गया है। दिल्ली का एक्यूआई 283, फरीदाबाद का एक्यूआई 260, गुरुग्राम का एक्यूआई 250 और गाजियाबाद का एक्यूआई 212 रहा। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि बारिश का असर भी कई दिन रहेगा। वायु प्रदूषण में अभी और सुधार होने की उम्मीद है।
नगर पंचायत ने बनाया रैन बसेरा, 15 लोग ठहर सकेंगे
ठंड बढ़ते ही प्राधिकरण व प्रशासन ने गरीब व बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरा बनाने शुरू कर दिए हैं। बिलासपुर नगर पंचायत ने भी कार्यालय परिसर स्थित गैरेज को खाली कर रैन बसेरे में तब्दील कर दिया है। यहां 15 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। गद्दा, चादर, तकिया, पीने का पानी व शौचालय की व्यवस्था की गई है। हालांकि, अलाव की व्यवस्था अभी नहीं की गई है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार पांडेय ने बताया कि दनकौर रेलवे स्टेशन यहां से नजदीक है। देर शाम ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को गांवों तक पहुंचने के लिए वाहन नहीं मिलते हैं। ऐसे में वह भी यहां रात गुजार सकते हैं। यहां सेवा के लिए एक कर्मचारी भी नियुक्त किया गया है। यहां सैनिटाइजर और मास्क आदि की व्यवस्था की गई है।