पुन्हाना। मेवात के लोगों को आज मुख्यमंत्री की विकास रैली से काफी उम्मीदें थीं। रेल, यूनिवर्सिटी, ट्रॉमा सेंटर, मरोड़ा कट, नगीना-होडल फोरलेन बनाने पर सीएम मनोहर लाल की खामोशी से मेवाती मायूस हो गए।
मुबीन तेडिया, साकिर लाहाबास, मुबारिक मलिक पिनगवां और मकसूद शिकरावा का कहना है कि भाजपा सरकार भले ही मुस्लिम विरोधी है। हरियाणा में मुख्यमंत्री को किसान जनसभा तक करने नहीं दे रहे हैं। फिर भी मेवात में मुख्यमंत्री का ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया जा रहा है। हजारों की भीड़ उन्हें सुनने आ रही है। उसके बावजूद भी मेवात के लोगों को मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं दिया।
उन्होंने कहा मेवात के लोगों को मुख्यमंत्री से उम्मीद थी कि वे नूंह जिले में यूनिवर्सिटी, रेल, ट्रॉमा सेंटर, मरोड़ा गांव में दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर कट, नगीना-होडल सड़क को फोरलेन बनाने और नूंह से राजस्थान बोर्ड पर 248ए को फोरलेन बनाने, पिनगवां को सब तहसील बनाने जैसी एक दर्जन प्रमुख मांगें थी। सीएम मनोहर लाल की इन मांगों पर खामोशी इख्तयार कर उन्हें मायूस कर दिया।
आज जिस मेवात कैनाल फीडर की बात सीएम ने की है, उसकी घोषणा भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री तीन बार पहले कर चुके हैं। मेवात में दसवीं के बाद लड़कियों का ड्रॉप आउट 90 फीसदी से ऊपर है। यहां यूनिवर्सिटी की सख्त जरूरत है। नूंह-मुंडाका सड़क पर पिछले दस साल में कई हजार लोगों की मौत हो चुकी है। न तो इसे जल्द फोरलेन बनाने की बात कही और न ही ट्रॉमा सेंटर बनाने का जिक्र किया है। मेवात को रेलवे लाइन से जोड़ने की 50 साल पुरानी मांग है। मरोड़ा गांव में दिल्ली-मुम्बई मार्ग पर कट दिया जाए, जिससे ड्राइवर आसानी से अपने घरों पर पहुंच सकें।