ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। शहर के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक होगा। पहली बार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन (डीएफसीसी) के वेस्टर्न कॉरिडोर पर रेल का इंजन दौड़ाकर ट्रायल किया जाएगा। डीएफसीसी का दावा है कि 30 जून तक वेस्टर्न कॉरिडोर की लाइन तैयार हो जाएगी। इसके बाद सरकार मालगाड़ियों का संचालन करने पर फैसला लेगी। मालगाड़ियां चलने से जिले के उद्यमियों को कम खर्च में माल को लाने ले जाने में आसानी होगी।
जिले में रेलवे लाइन दादरी की तरफ है। ग्रेटर नोएडा से लगी रेलवे लाइन बोड़ाकी गांव के पास है। वेस्टर्न कॉरिडोर ग्रेनो के बीच से निकल रहा है। इस पर पहली बार रेल का इंजन दौड़ेगा जो शहर वासियों के लिए एक अलग अनुभव होगा। डीएफसीसी का वेस्टर्न कॉरिडोर मुंबई से दादरी तक बन रहा है। जिले में कॉरिडोर की लंबाई 17 किमी की है। कॉरिडोर को बनाने का काम कई वर्ष से चल रहा है। पिछले वर्ष दिसंबर तक कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन कोविड के कारण ऐसा नहीं हो सका। अब कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है। मंगलवार को कॉरिडोर का ट्रॉयल होगा। डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि यमुना से पाली गांव तक कॉरिडोर पर इंजन दौड़ेगा। इस दौरान डीएफसीसी के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। ट्राूयल के दौरान रेल लाइन की खामियों को दूर किया जाएगा। अफसरों ने बताया कि 30 जून तक कॉरिडोर का हिस्सा पूरी तरह तैयार कर सरकार को सौंप दिया जाएगा।
पुल और अंडरपास बनकर तैयार
कॉरिडोर पर पांच जगह ओवरब्रिज हैं जो बनकर तैयार हो चुके हैं जबकि 13 अंडरपास बनाए गए हैं, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। नोएडा एक्सप्रेसवे पर बना ओवरब्रिज खास है। यहां पर ओवरब्रिज एक साथ एक्सप्रेसवे और एक्वा मेट्रो लाइन को पार कर रहा है।
ईस्टर्न कॉरिडोर की भी बाधा दूर
डीएफसीसी का ईस्टर्न कॉरिडोर कोलकाता से लुधियाना तक बन रहा है। गौतमबुद्ध नगर में ईस्टर्न को वेस्टर्न कॉरिडोर से जोड़ा गया है। जमीन नहीं मिलने से काम रुका हुआ था। बोड़ाकी में प्रशासन ने पुलिस के साथ जमीन पर कब्जा ले लिया। इसके बाद रिठौरी में किसानों ने स्वयं मकानों को हटाना शुरू कर दिया है। जल्द ईस्टर्न कॉरिडोर का काम पूरा हो जाएगा।