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विश्व पेपर बैग दिवस पर विशेष:

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ऑटोमेशन और कच्चे माल के बिना नहीं बन सकते गुणवत्तापरक पेपर बैग
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- अंतर्राष्ट्रीय मार्केट को प्रतिस्पर्धा देने के लिए जरूरी है सरकार का सहयोग
- उद्यमियों का कहना, अभी मिल रहा सहयोग ना, उससे पेपर बैग उद्योग का भला नहीं हो सकता

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नीतियों और आर्थिक सहयोग की कमी की वजह से पेपर बैग उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं बनाया जा सका। आज भी इसके लिए यूरोप और चीन के ऊपर पूरा बाजार निर्भर है। प्रमुख ब्रांड तक अपने उपयोग के लिए आयातित पेपर कैरी बैग का उपयोग भारत में करते हैं।
नोएडा में पेपर का कैरी बैग बनाने का काम लघु उद्योग के रूप में ही होता है। उद्यमियों का कहना है कि यह उस समय है कि जब दुनिया के कई बड़े ब्रांड नोएडा से बिजनेस चला रहे हैं। नोएडा में पेपर कैरी बैग बना रहे उद्यमी राजीव कालरा का कहना है कि कई बड़ी कंपनियों के लिए पेपर कैरी बैग उनकी कंपनी बनाती है। लेकिन सच्चाई यही है कि बिना मशीनों के ऑटोमेशन और बेहतर कच्चे माल के इन ब्रांड की मांग पूरी नहीं की जा सकती है। ऑटोमेशन के साथ इंडस्ट्री लगाने के लिए बड़ी जमीन भी चाहिए। इसके लिए बड़ा निवेश लगेगा। यह बिना सरकार के सहयोग के पूरा नहीं हो सकता है।
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घरों में बना रहे पेपर बैग
शहर के कई सेक्टरों व सोसाइटियों के लोग अपने स्तर पर घर में ही पेपर बैग बना रहे हैं। इसके लिए बाहर से पेपर का जुगाड़ किया जाता है। वहीं, कुछ लोग मिलकर इसे बनाते हैं। मंदिरों, सब्जी मंडी और अन्य स्थानों पर इसका वितरण कर लोगों को जागरूक करते हैं। होम्स-121 निवासी गरिमा ने बताया कि इसका वहीं वितरण करते हैं, जहां यह महसूस होता है कि पॉलिथीन हटाया जाए। यहां तक की फूल बेचने वाले को भी कहा गया है कि वह पॉलिथीन में फूल न देकर पेपर या पेपर बैग में दे।

प्राधिकरण चला रहा एंटी पॉलिथीन अभियान
नोएडा प्राधिकरण की ओर से शहर में एंटी पॉलिथीन अभियान चलाया जाता है। इसमें किसी एक क्षेत्र या मंडी को लक्ष्य बनाकर प्राधिकरण के अधिकारी धावा बोलते हैं और चालान करते हैं। यह अभियान पूरे वर्ष चलाया जाता है। इसके अलावा प्राधिकरण की ओर से जूट के बैग का वितरण भी किया जाता है।
कई दुकानों व मॉल के ब्रांडेड शो रूम कर रहे उपयोग
शहर के कई दुकानों व मॉल के ब्रांडेड शो रूम तक पेपर बैग का उपयोग कर रहे हैं। उनकी ओर से अपने उत्पाद के प्रचार के लिए किया जाता है। साथ ही पॉलिथीन के उपयोग की मनाही के बाद उनकी ओर से यह कोशिश की जा रही है। कहीं-कहीं कपड़े के बैग का उपयोग किया जाता है। कपड़े के कई फैशनेबल ब्रांड के बैग का उपयोग कर रहे हैं।
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इनसेट
सरकार नीति लेकर आए, तभी होगा फायदा
पेपर कैरी बैग उद्यमियों के सहयोग के लिए सरकार को बेहतर नीति लेकर आना चाहिए। इसके बाद ही पर्यावरण के लिए खतरा बन चुकी पॉलिथीन कैरी बैग का उपयोग खत्म किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानक के साथ पेपर कैरी बैग तैयार हों।
एलबी सिंह, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
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