औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-10 को विकसित करने के लिए तीन गांवों की 306 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एयरपोर्ट के पास यमुना प्राधिकरण के औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-10 को विकसित करने के लिए तीन गांवों की 306 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से जल्द ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा और फिर जमीन लेने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यहां पर प्लास्टिक पार्क, फुटवियर पार्क, हस्तशिल्प पार्क और इलेक्ट्रिक वाहन पार्क एवं इलेक्ट्राॅनिक्स मेन्युफैक्चरिंग विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
दरअसल, आकिलपुर की 52.9780 हेक्टेयर, म्याना की 204.6293 और मकसूदपुर की 48.4530 हेक्टेयर जमीन पर यमुना प्राधिकरण सेक्टर-10 बसाना चाह रहा है। इस सेक्टर को पूरी तरह औद्योगिक बनाया जाएगा और इसमें इलेक्ट्राॅनिक्स मेन्युफैक्चरिंग हब, प्लास्टिक पार्क, फुटवियर पार्क, हस्तशिल्प पार्क और ईवी पार्क विकसित करने की योजना है। अभी तक प्राधिकरण की ओर से किसानों से सीधे जमीन क्रय की जा रही थी, मगर इन तीनों गांवों की जमीन को प्राधिकरण अधिग्रहण करने की योजना बना रहा है। तीनों गांवों की 306 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने से पहले शासन के आदेश पर प्रशासन ने गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से सामाजिक समाघात निर्धारण कराया है। इसकी रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने यह प्रस्ताव पिछले सप्ताह प्रस्ताव शासन को भेज दिया। इन पांच पार्कों के विकसित होने से न सिर्फ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि लोगों को रोजगार भी मिलेगा। गौरतलब है कि इसी सेक्टर में लेदर पार्क, प्लास्टिक पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्क, हैंडिक्राफ्ट पार्क भी बनाए जाने हैं। साथ ही 500 एकड़ में सेमीकंडेक्टर हब के रूप में विकसित किया जाएगा, इसलिए सेक्टर-10 यमुना प्राधिकरण का औद्योगिक सेक्टर होगा।
औरंगपुर के 154 किसानों को मिले सात फीसदी भूखंड
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण ने किसानों की समस्याओं का निपटान करना शुरू कर दिया है। मंगलवार के औरंगपुर गांव के 154 किसानों को सात प्रतिशत आबादी भूखंडों का आवंटन कर दिया। यीडा के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि औरंगपुर की 255 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की थी, उसी के एवज में किसानों को भूखंडों का आवंटन किया गया है। प्लाॅट नंबर ड्राॅ के जरिये आवंटित किए गए हैं। इस मौके पर ओएसडी साक्षी शर्मा, महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह, महाप्रबंधक वित्त विशंभर बाबू समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।