प्रदूषण व वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए बनेगा विंटर एक्शन प्लांन, विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
पर्यावरण विशेषज्ञ बैठक में प्रस्तुत किया प्रस्तुतिकरण, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने जताई सहमति
13 हॉटस्पॉट के लिए बनाई गई कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजाधानी के प्रदूषण स्तर व वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ कृत्रिम बारिश करवा सकते हैं। इसे लेकर मंगलवार को सचिवालय में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें दिखाया गया कि जरूरत होने पर विशेष तरह के रसायनों को हवा में भेजकर बारिश करवाई जा सकती है। इसमें मौसमी दशाओं को ध्यान में रखा जाता है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इससे सहमति जताई है। अब इसे आगे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
इससे पहले गोपाल राय की अध्यक्षता में विंटर एक्शन प्लान के लिए पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ बैठक में डीपीसीसी, पर्यावरण विभाग, यूएनईपी, सी 40, एपिक इंडिया, क्लीन एयर एशिया, सीएसई, एंवायरमेंट डिफेंस फंड, यूएनईपी, आईआईटी कानपुर के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी। बैठक में विंटर एक्शन प्लान के मुख्य बिंदु पर चर्चा की गई। बीते दिनों मुख्यमंत्री के साथ पर्यावरण विभाग की बैठक में सुझाव आया था कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराई जाए। इसे लेकर आईआईटी कानपुर ने प्रस्तुतिकरण दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह दिल्ली में संभव हो सकता है। अब इसे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हॉटस्पॉट के लिए डीपीसीसी की टीम लगातार निगरानी रखेगी। इसकी रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रदूषण स्तर में आई कमी
दिल्ली में नौ सालों में पीएम 10 में 42 प्रतिशत और पीएम 2.5 में 46 प्रतिशत की कमी आई है। हर साल सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए समर और विंटर एक्शन प्लान लांच करती है। इस वर्ष का विंटर एक्शन प्लान वाहन व धूल प्रदूषण, हॉटस्पॉट, पराली व कूड़ा जलाने, केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से संवाद, ग्रीन वाररूम व ग्रीन एप को उन्नत बनाने जैसे फोकस बिंदुओं पर आधारित होगा।
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बैठक में शामिल हुए 24 विशेषज्ञ
बैठक में मुख्य रूप से 24 एक्सपर्ट्स शामिल हुए। इनमें एसएसईएफ, सीएसटीईपी, ए-पैग, नीति आयोग, आईसीसीटी, सीईईडब्ल्यू, सीएसई, एंवायरमेंट डिफेंस फंड, यूएनईपी, आईआईटी कानपुर, एएसएआर सोशल इम्पेक्ट, सी 40, एपिक इंडिया और क्लीन एयर एशिया आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन संस्थाओं ने मुख्य रूप से वाहन व धूल प्रदूषण, हॉटस्पॉट, हरित क्षेत्र का विकास, पराली व कूड़ा जलाने, केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से संवाद आदि प्रमुख विषयों पर अपनी बात रखी और सलाह दी। एक्सपर्ट ने बायोमास बर्निग के लिए भी कई तरह के सुझाव दिए हैं।
कल होगी समीक्षा बैठक
गोपाल राय ने कहा कि बृहस्पतिवार को सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में अलग-अलग विभागों को विंटर एक्शन प्लान के तहत निर्धारित किए गए फोकस बिंदुओं के आधार पर विशिष्ट कार्य सौंपे जाएंगे।
पर्यावरण विशेषज्ञ बैठक में प्रस्तुत किया प्रस्तुतिकरण, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने जताई सहमति
13 हॉटस्पॉट के लिए बनाई गई कार्ययोजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजाधानी के प्रदूषण स्तर व वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ कृत्रिम बारिश करवा सकते हैं। इसे लेकर मंगलवार को सचिवालय में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें दिखाया गया कि जरूरत होने पर विशेष तरह के रसायनों को हवा में भेजकर बारिश करवाई जा सकती है। इसमें मौसमी दशाओं को ध्यान में रखा जाता है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इससे सहमति जताई है। अब इसे आगे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
इससे पहले गोपाल राय की अध्यक्षता में विंटर एक्शन प्लान के लिए पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ बैठक में डीपीसीसी, पर्यावरण विभाग, यूएनईपी, सी 40, एपिक इंडिया, क्लीन एयर एशिया, सीएसई, एंवायरमेंट डिफेंस फंड, यूएनईपी, आईआईटी कानपुर के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए। गोपाल राय ने बताया कि प्रदूषण को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार को लेकर 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी। बैठक में विंटर एक्शन प्लान के मुख्य बिंदु पर चर्चा की गई। बीते दिनों मुख्यमंत्री के साथ पर्यावरण विभाग की बैठक में सुझाव आया था कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराई जाए। इसे लेकर आईआईटी कानपुर ने प्रस्तुतिकरण दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह दिल्ली में संभव हो सकता है। अब इसे मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। हॉटस्पॉट के लिए डीपीसीसी की टीम लगातार निगरानी रखेगी। इसकी रोजाना मॉनिटरिंग की जाएगी।
प्रदूषण स्तर में आई कमी
दिल्ली में नौ सालों में पीएम 10 में 42 प्रतिशत और पीएम 2.5 में 46 प्रतिशत की कमी आई है। हर साल सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए समर और विंटर एक्शन प्लान लांच करती है। इस वर्ष का विंटर एक्शन प्लान वाहन व धूल प्रदूषण, हॉटस्पॉट, पराली व कूड़ा जलाने, केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से संवाद, ग्रीन वाररूम व ग्रीन एप को उन्नत बनाने जैसे फोकस बिंदुओं पर आधारित होगा।
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बैठक में शामिल हुए 24 विशेषज्ञ
बैठक में मुख्य रूप से 24 एक्सपर्ट्स शामिल हुए। इनमें एसएसईएफ, सीएसटीईपी, ए-पैग, नीति आयोग, आईसीसीटी, सीईईडब्ल्यू, सीएसई, एंवायरमेंट डिफेंस फंड, यूएनईपी, आईआईटी कानपुर, एएसएआर सोशल इम्पेक्ट, सी 40, एपिक इंडिया और क्लीन एयर एशिया आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन संस्थाओं ने मुख्य रूप से वाहन व धूल प्रदूषण, हॉटस्पॉट, हरित क्षेत्र का विकास, पराली व कूड़ा जलाने, केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों से संवाद आदि प्रमुख विषयों पर अपनी बात रखी और सलाह दी। एक्सपर्ट ने बायोमास बर्निग के लिए भी कई तरह के सुझाव दिए हैं।
कल होगी समीक्षा बैठक
गोपाल राय ने कहा कि बृहस्पतिवार को सभी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक कर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में अलग-अलग विभागों को विंटर एक्शन प्लान के तहत निर्धारित किए गए फोकस बिंदुओं के आधार पर विशिष्ट कार्य सौंपे जाएंगे।