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Noida News: अगली पीढ़ी के बिजनेस लीडर्स तैयार होंगे

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-एसआरसीसी कॉलेज में दो दिवसीय इकोनॉमिक्स समिट का आगाज
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-अमर उजाला मीडिया पार्टनर की निभा रहा है भूमिका

-छात्रों ने वित्त, कॉरर्पोरेट, उद्यमिता, नियुक्ति नीतियां के गुर सीखे

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। अगली पीढ़ी के बिजनेस लीडर तैयार करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्टि श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दो दिवसीय इकोनॉमिक्स समिट की शुरुआत हो गई। इसमें पहले दिन छात्रों ने वित्त, कॉरर्पोरेट जिदंगी, उद्यमिता, नियुक्ति नीतियों व कर्मचारी-नियोक्ता के सामने आ रही चुनौतियों के विषय में जाना। प्रतिष्ठि समिट में अमर उजाला मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है। कॉलेज सभागार में समिट का उद्घाटन इंफो एज के सीईओ हितैष ओबरॉय व जौमेटो के चीफ बिजनेस ऑफिसर राकेश रंजन ने किया। राकेश रंजन ने छात्रों को जौमेटो की नियुक्ति नीतियां, कॉरर्पोरेट लाइफ आदि की जानकारी दी। एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड एकाउंटेंट के एसोसिएट निदेशक कुश आहूजा ने कर्मचारी और नियोक्ता के परिप्रेक्ष्य में बात की। उन्होंने कहा कि अभी करीब 35 फीसदी लोग हाईब्रिड रुप में काम कर रहे हैं। कर्मचारी के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो हाईब्रिड कार्य होने से सहयोग में कमी आई है। वहीं नियोक्ता की दृष्टि से देखें तो कार्य संस्कृति प्रभावित हुई है। वहीं करीब 70 फीसदी कर्मचारी किसी ना किसी तनाव से जूझ रहे होते हैं। उन्हें नियोक्ता से सहयोग की जरूरत होती है। इस पर नियोक्ता को ध्यान देना चाहिए।
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कंपनियां किस चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि वित्त क्षेत्र में करीब 45 फीसदी कर्मचारी अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं। यह प्रतिशत दो साल में और बढ़ सकता है। ऐसे में वित्त क्षेत्र में कर्मचारियों की काफी डिमांड है। जबकि नियोक्ता के सामने उन्हें रोके रखने की चुनौती है। समिट में व्याख्यान, फायरसाइट, चैट, लाइव इंटरव्यू और पैनल चर्चाएं भी हुई। अन्य पैनल परिचर्चा में एसबीआई के ग्रुप ऑफ चीफ अर्थशास्त्री सौम्या कांत गुप्ता और आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष देबाशीष मित्रा ने अपने विचार रखे।
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