डेंगू, मलेरिया से निपटने की तैयारी, आरडीपी सेपरेटर की सुविधा शुरू नहीं
- मरीजों को प्लेटलेट्स और प्लाज्मा चढ़ाने के लिए जरूरी यह सुविधा, जिला अस्पताल में खरीदी जा चुकी है मशीन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छर जनित संक्रामक रोगों का प्रकोप अब शुरू होने वाला है। इसके लिए स्वास्थ्य महकमा तैयारी में भी जुटा है। इधर, मरीजों को जरूरी प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के लिए जिला अस्पताल में शुरू होने वाली रेंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) सेपरेटर की सुविधा ताले में बंद है। बिना ड्रग कंट्रोलर की अनुमति के इस सुविधा का फायदा मरीजों को नहीं मिल सकता है।
जिला अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक करीब चार महीने पहले आरडीपी सेपरेटर की मशीनें स्वास्थ्य विभाग खरीद चुका है। 2023 में मरीजों को हुई दिक्कतों को देखते हुए इसे 2024 में संक्रामक रोग शुरू होने से पहले उपयोग में लाए जाने की योजना भी थी। 16 मई को हुई जिला अस्पताल प्रबंधन की बैठक में इसे 15 जून तक शुरू करने की योजना भी बनाई गई। इसके लिए अधिकारियों को ड्रग कंट्रोलर कार्यालय में संपर्क कर अनुमति करानी थी। इसके लिए जरूरी निरीक्षण भी मार्च, अप्रैल में हो चुके हैं। अब केवल अनुमति का इंतजार जिला अस्पताल प्रबंधन को है।
जिला अस्पताल की ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एचएम लवानियां का कहना है कि आरडीपी सेपरेटर की सुविधा कब तक शुरू हो पाएगी, इसके लिए कोई तारीख तय करना अभी मुश्किल है। अनुमति मिलते ही इसे तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
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इधर, इलाज की तैयारियां शुरू
आरडीपी सेपरेटर की सुविधा भले ही शुरू नहीं हो पाए। मरीजों के इलाज की तैयारी जिला अस्पताल में जरूर शुरू हो गई है। डेंगू के इलाज के लिए नोडल अधिकारी डॉ. असद महमूद को बनाया गया है। कंट्रोल रूम भी शुरू किया गया है। इसका नंबर 9259056829 है। वहीं मरीजों को भर्ती करने के लिए पहले तल पर छह बेड का डेंगू वार्ड भी बनाया गया है। मरीजों की जांच के लिए एलाइजा किट और कार्ड की खरीद भी हो चुकी है।
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जून में आए मलेरिया के दो मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. श्रुृति कीर्ति वर्मा का कहना है कि जून में अभी मलेरिया के दो मरीज मिले हैं। वहीं, डेंगू का कोई मरीज अभी नहीं आया है। हालांकि, बारिश शुरू होते ही मरीज मिलने शुरू हो जाएंगे। 2023 में डेंगू के करीब 950 मरीज मिले। ऐसे में इस साल डेंगू को लेकर विशेष सतर्कता रहेगी। एक जुलाई से विशेष अभियान शुरू होगा। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ता जागरूक करने के लिए घर-घर जाएंगे। इसके अलावा जलभराव होने से भी रोका जाएगा।