-पानी से भरे गड्ढे से होकर जाना पड़ता है मृतकों का अंतिम संस्कार करने
हरिप्रकाश बाबा
बिलासपुर। रामपुर रोड स्थित कस्बे के श्मशान घाट मार्ग के गड्ढे ग्रामीणों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। वर्षों से निर्माण की राह देख रहे इस जर्जर मार्ग में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बरसातों में इनमें पानी भर जाता है। ऐसे में ग्रामीणों को मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर इन्हीं गड्ढों से होकर जाना पड़ रहा है। तमाम शिकायतों के बावजूद इस कच्चे रास्ते को पक्का न कराने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
कस्बे के रामपुर रोड पर दो श्मशान घाट हैं। छोटा श्मशान घाट जोगीगढ़ा में है। वहीं, दूसरा बड़ा श्मशान घाट रामपुर रोड पर है। बड़े श्मशान घाट में कस्बे के अधिकतर लोग अपने मृत परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। 20 वर्ष पहले श्मशान घाट की जमीन पर जब चारों तरफ से अतिक्रमण होने लगा तो समाजसेवी श्यामलाल वर्मा, कछीं लाल तथा कस्बे के लोगों के सहयोग से इसकी चाहरदीवारी बनवाई थी। इस दौरान मार्ग का निर्माण नहीं हुआ था। एक व्यक्ति ने अपने खेत से श्मशान घाट जाने के लिए रास्ता दिया है, जहां से लोग निकलते हैं। हालांकि, श्मशान घाट जाने के लिए अधिकृत रास्ता नाले के बराबर लगभग 17 फुट चौड़ा है।
अभिलेखों में यही श्मशान घाट का रास्ता है। इस रास्ते का निर्माण आज तक नहीं हुआ। यह मार्ग कच्चा है। साथ ही गड्ढे होने के कारण इस मार्ग पर पानी भरा रहता है। यहां से श्मशान घाट शव यात्रा निकालना मुश्किलों से भरा है। इसी मार्ग से छोटे श्मशान जोगीगढ़ा का भी बीच से रास्ता निकलता है। कस्बे के गजराज भाटी, प्रवीण तायल, मोहित योगी आदि ने बताया कि इस रास्ते को विकसित करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से कई बार मांग की गई है परंतु इस ओर अधिकारियों का ध्यान नहीं गया।