इसके बाद रोहित ने आरोपियों की बातों में आकर 28 मार्च को 80 हजार रुपये दे दिए। इसके बदले में आरोपियों ने तुरंत 88 हजार का भुगतान कर दिया। अगले दिन आरोपियों ने पांच लाख रुपये लेकर साढ़े पांच लाख रुपये दे दिए। इससे रोहित को आरोपियों पर विश्वास हो गया। वहीं, आरोपियों ने रोहित से कहा कि इस बार उन्हें अधिक रुपयों की जरूरत है, जिसके लिए 15 फीसदी कमीशन देेंगे। इस कारण रोहित ने परिचित व करीबियों से बात कर 20 लाख रुपये के पांच-पांच सौ के नोट जुटाकर आरोपियों को दे दिए। आरोपी कार लेकर पहुंचे और नोटों का बैग कार में रखकर रोहित को कागज की गड्डियों से भरा बैग देकर फरार हो गए।
25 लाख ठगी कर किया था समझौता
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी लगभग एक साल से ठग रहे हैं। आरोपियों के अन्य साथियों के पकड़े जाने पर ये पता चलेगा कि कितने लोगों से ठगी कर चुके हैं। कुछ दिन पहले बीटा-2 थाना क्षेत्र में भी इसी तरह से 25 लाख रुपये की ठगी की गई थी, लेकिन आरोपियों ने बाद मेें पकड़े जाने के डर से समझौता कर लिया और पीड़ितों के रुपये लौटा दिए थे।