पुलिस ने पीड़ित परिवार के मुआवजे के लिए एमएसीटी का रुख किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुलिस ने अंजलि की स्कूटी में टक्कर मारने के बाद करीब 13 किमी तक घसीटने के मामले में हत्या की धारा जोड़ दी है। अब इस मामले में गैर इरादतन हत्या के तहत नहीं बल्कि हत्या के तहत मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) सागरप्रीत हुड्डा ने बताया कि फिजिकल, मौखिक, फॉरेंसिक एवं दूसरे सबूत मिलने के बाद इस मामले में हत्या की धारा जोड़ने का फैसला लिया गया है। अब इस मामले में आईपीसी की धारा 304 के स्थान पर धारा 302 आईपीसी जोड़ दी गई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अंजलि का परिवार लगातार आरोपियों पर हत्या की धारा जोड़ने की मांग कर रही थी। लेकिन पुलिस इस धारा को जोड़ने से हिचकिचा रही थी। अदालत में इस आरोप को साबित करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। अब इस मामले में सबूत मिल गए हैं, इसलिए पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि घटना के समय पीड़ित के परिवार को जल्द मुआवजा दिलाने के लिए पुलिस ने एमएसीटी का रुख किया किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस मृतक परिवार के सदस्यों के लिए मुआवजे के रूप में अधिकतम राशि प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम प्रयास कर रही है। पुलिस मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) में मुआवजे का दावा भर रही है ताकि अंजलि के परिवार का ख्याल रखा जा सके।