पीएफ घोटाला : ‘सरकार ले कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी’
नोएडा। प्रोविडेंट फंड (पीएफ) घोटाले के विरोध में सेक्टर-16 स्थित बिजलीघर पर कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार उनके भुगतान की जिम्मेदारी ले। वहीं, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने घोटाले के आरोपी पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग की है।
समिति ने कहा कि घोटाले के दोषी पावर कॉरपोरेशन व ट्रस्ट के अध्यक्ष को उनके पद से तत्काल हटाकर गिरफ्तार किया जाए। ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। यह भी ऐलान किया गया कि विरोध सभाओं का क्रम चलता रहेगा। समिति ने कहा कि पावर सेक्टर इंप्लाइज ट्रस्ट के घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और ऊर्जा मंत्रालय ट्रस्ट के भुगतान की जिम्मेदारी उप्र पावर कॉरपोरेशन पर डालकर पल्ला झाड़ने में लगा है। समिति ने कहा कि यह कहना अत्यंत हास्यास्पद है कि ट्रस्ट की धनराशि के भुगतान को पावर कॉरपोरेशन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि पावर कॉरपोरेशन खुद 85000 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में है। ऐसे में उसके माथे ट्रस्ट का भुगतान डाल देना गुमराह करने वाला कदम होगा। समिति ने कहा कि वैसे भी पावर कॉरपोरेशन नियामक आयोग के समक्ष खर्च का विवरण देता है। इसके बाद उससे इतर ट्रस्ट के भुगतान की गुंजाइश कहां रह जाती है। समिति ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रस्ताव अस्वीकार्य हैै। प्रदर्शन में तमाम बिजली अधिकारी व कर्मचारी सम्मिलित हुए। वहीं, दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा।