ग्रेटर नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश व हरियाणा के शहरों को ईस्टर्न पेरिफेरल व यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने का प्लान है। इसके लिए दोनों एक्सप्रेसवे से नोएडा एयरपोर्ट तक लिंक रोड बनेगी। यमुना प्राधिकरण ने राइट्स से लिंक मार्ग बनाने का प्लान मांगा है। साथ ही एजेंसी दिल्ली से एयरपोर्ट तक लाइट मेट्रो की भी फिजबिलिटी तलाश रही है।
नोएडा एयरपोर्ट को आईजीआई एयरपोर्ट के अलावा अन्य शहरों से जोड़ने के लिए मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर राइट्स एजेंसी सर्वे कर रही है। यमुना प्राधिकरण ने राइट्स से कहा है कि दोनों हाइवे से नोएडा एयरपोर्ट तक सीधी रोड बनाने का सुझाव दें, ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान के आसपास के शहरों से लोग यहां आसानी से पहुंच सकें।
यमुना प्राधिकरण ने एजेंसी से लाइट मेट्रो के लिए भी फिजबिलिटी देखने को कहा है। लाइट मेट्रो में वर्तमान में चल रही मेट्रो की तुलना में कम पैसा खर्च होगा। इसकी गति मेट्रो की तुलना में कम होती है। यह तीन डिब्बों की होती है। इसमें एक साथ 200 से 250 लोग सफर कर सकते हैं। यमुना प्राधिकरण का कहना है कि अगर दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट तक लाइट मेट्रो की फिजबिलिटी नहीं बनती है तो वह अपने सेक्टरों में भी इसे चलाने पर विचार करेगा। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-18 व 20 बहुत बड़े हैं। दोनों सेक्टरों में 21 हजार आवंटी है। इन सेक्टरों में इसकी जरूरत होगी।
नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली व अन्य शहरों के लिए मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर सर्वे हो रहा है। दोनों हाइवे को नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी व लाइट मेट्रो का प्लान भी इसमें शामिल है। एजेंसी इसी माह अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।-शैलेंद्र भाटिया, ओएसडी यमुना प्राधिकरण