ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित पंचशील ग्रींस टू प्रोजेक्ट में लंबे समय से घर का सपना देख रहे 1300 फ्लैट खरीदारों के लिए राहत की खबर है। भारत सरकार की ओर से बने स्ट्रेस फंड से अधूरे प्रोजेक्ट पूूरे करने के लिए 249 करोड़ रुपये की स्वीकृति एसबीआई कैपिटल से मिली है और इसकी पहली किस्त भी जारी हो गई है। इससे प्राधिकरण को बकाया धनराशि के 37 करोड़ रुपये मिल गए हैं। ग्रेटर नोएडा में स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता पाने वाला यह दूसरा प्रोजेक्ट है। वहीं, तीन और बिल्डरों को भी स्ट्रेस फंड से जल्द मदद मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण के मुताबिक, पंचशील ग्रींस-2 प्रोजेक्ट पर प्राधिकरण के 135 करोड़ रुपये बकाया हैं। यह रकम चार किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त के तहत 37 करोड़ रुपये प्राधिकरण को मिल गए हैं। भारत सरकार ने 2019 में अधूरी बिल्डर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए स्ट्रेस फंड का निर्माण किया था। इस फंड से मदद पाने के लिए कई बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। बीते दिनों इंफ्रा होम के कैपिटल एथेना प्रोजेक्ट को स्ट्रेस फंड से 165 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसकी पहली किस्त जारी हो गई। पहली किस्त में प्रीमियम बकाया धनराशि करीब 31 करोड़ रुपये प्राधिकरण को मिले हैं। दूसरी किस्त 15 अक्तूबर तक जारी हो जाएगी। इस स्ट्रेस फंड से करीब 900 फ्लैट बन रहे हैं। वहीं, अब पंचशील ग्रींस टू प्रोजेक्ट के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए 249 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इससे प्राधिकरण को भी 135 करोड़ रुपये बकाये में से पहली किस्त के 37 करोड़ रुपये मिल गए हैं।
बन पाने वाले प्रोजेक्टों को ही जारी होता है स्ट्रेस फंड
सीईओ नरेंद्र भूषण ने पंचशील ग्रींस टू प्रोजेक्ट के लिए स्ट्रेस फंड जारी होने पर खुशी जताते हुए कहा कि एसबीआई कैप से उन परियोजनाओं को ही स्ट्रेस फंड जारी होता है, जो बन पाने की स्थिति में होते हैं। एसबीआई कैप पूरी छानबीन करने के बाद ही फंड जारी करता है।
2500 खरीदारों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी
स्ट्रेस फंड से वित्तीय सहायता पाने के लिए तीन और बिल्डरों ने आवेदन किए हैं। स्ट्रेस फंड दिलाने के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। इन तीन परियोजनाओं में करीब 2500 फ्लैट हैं, जिनके स्ट्रेस फंड से पूरे होने की उम्मीद है।
रेरा में पंजीकरण जरूरी
आशियाने की चाह में हजारों खरीदारों ने बिल्डरों के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करा लिए। उसकी किस्त देते रहे, लेकिन बिल्डरों ने उस पैसे को कहीं और खर्च कर दिया। वित्तीय संकट होने से प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। ऐसे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए ही स्ट्रेस फंड बनाया गया है। कई बिल्डरों ने इस फंड के लिए आवेदन किए हैं। एसबीआई कैपिटल को इसकी नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस फंड के लिए प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन मिलने पर एसबीआई की टीम साइट पर जाकर देखती है कि प्रोजेक्ट कितना बना है। अगर प्रोजेक्ट घाटे का नहीं है तो फंड जारी होता है। मसलन प्रोजेक्ट को पूरा करने में अगर 50 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं तो बनने के बाद उससे अधिक लाभ मिल पाएगा या नहीं। इसके लिए प्राधिकरण से परमिशन लेनी पड़ती है। जारी होने वाले फंड में से प्राधिकरण को जमीन की बकाया रकम भी देनी होती है।
स्ट्रेड फंड के लिए यहां करें आवेदन
स्ट्रेस फंड के अंतर्गत लाभ पाने के लिए बिल्डरों को ahf@sbicaps.com पर आवेदन करना होगा। इसके लिए पात्रता शर्तें http://www.sbicaps.com पर उपलब्ध हैं।