फोटो 22 एचएएमपी 01- मौदहा क्षेत्र के करहिया गांव में तेज आंधी व बारिश से जमींदोज धान की फसलें।
- फोटो : जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए खड़े मरीज।
हमीरपुर/मौदहा। झमाझम बारिश और तेज हवा से मंगलवार को जिले में 600 बीघा में खड़ी धान की फसल में जलभराव हो गया। सूखी फसल जमींदोज हो गई। बारिश से अब धान के दाने पकने में देरी होगी। पैदावार पर भी असर पड़ेगा। कई स्थानों पर बारिश से बीज भी नष्ट हो गया। मौसम विभाग के मुताबिक सदर तहसील में चार एमएम व मौदहा तहसील में करीब 10 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
मंगलवार सुबह अचानक शुरू हुई हल्की व मध्यम बारिश से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बारिश के चलते सदर व मौदहा तहसील में अगले दो दिन कृषि कार्य ठप रहेगा। बिवांर में 450 बीघा व मौदहा के करहिया में लगभग सौ बीघा में धान की फसल में जलभराव हो गया। ग्रामीण इलाकों में जलभराव और कीचड़ की समस्या बढ़ गई है। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किसानों का कहना है कि यह बारिश राहत नहीं, आफत बनकर आई है। खेतों में लहलहाती फसलें अब पानी और हवा के कहर से तबाह हो चुकी हैं।
जिला मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। जिले में कुल 2.81 लाख हेक्टेयर में रबी फसलें बोई जाती है। इस साल लगातार बारिश ने खरीफ की फसल को पहले ही बर्बाद कर दिया था और अब बेमौसम बारिश रबी की उम्मीदों पर भी पानी फेर रहा है। इनमें करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं व शेष रकबे में दलहनी व तिलहनी फसलें बोई जाती हैं।
दीपावली से किसान दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई शुरू कर देते हैं। अब तक करीब 30 फीसदी दलहनी व तिलहनी फसलें किसान बो सके हैं। अधिक बारिश होने से बोई गई इन फसलों के बीज नष्ट होने की भी संभावना है।