कुत्ते ही नहीं बंदर और सांप भी बना रहे निशाना
- अगस्त में 98 लोगों को बंदरों तो 25 को सांप ने काटा
- बदलते परिवेश में आक्रमक हो रहे जानवर
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। पर्यावरण व सामाजिक परिवेश में बदलाव के बीच शहर में अब कुत्तों ही नहीं बंदर व सांपों के काटने के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों को देखें तो अगस्त माह में ही 98 लोगों को बंदरोें ने अपना निशाना बनाया है। वहीं 25 लोगों को सांप का दंश झेलना पड़ा है। जानकारों की मानें तो जंगलों में रहने वाले यह प्राणी सोसाइटियों, वाहनों और कारखानों के शोर-शारबे के बीच आक्रमक हो रहे हैं।
शहर के सेक्टर-73 में बीते दिनों कोबरा सहित कई सांपों को वन विभाग की टीम पकड़ चुकी है। अन्य सेक्टरों में भी सांपों और बंदरों के काटने की घटनाएं आम हो चली हैं। जिला अस्पताल में बंदरों के काटने के जून में 68 व जुलाई में 64 मामले सामने आए थे, अगस्त में यह संख्या 98 तक पहुंच गई। यहां डॉक्टरों का कहना है कि एंटी रैबीज लेने वालों लोगों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। ग्रामीण भी जागरूक हो रहे हैं, पहले एंटी रैबीज लेने वाले ग्रामीणों की प्रतिदिन संख्या 100-120 के करीब रहती थी, वह अब बढ़कर 150 के पार जा रही है। वहीं सांप के काटने का प्रतिदिन लगभग एक मामला सामने आ रहा है।
हाउस ऑफ स्ट्रे एनिमल के संस्थापक संजय महापात्रा बताते हैं कि बंदरों के काटने व हुड़दंग का एक कारण तो यह है कि उन्हें पर्याप्त खाना नहीं मिल पा रहा। वहीं बंदर पेड़-पौधों के बीच रहना ज्यादा सहज समझते हैं। जब उन्हें ऐसा माहौल नहीं मिलता तो उनके स्वभाव में परिवर्तन आ जाता है। कई बार वह खुद पर हमले के डर से भी हमलावर हो जाते हैं। इधर सेक्टर-122 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा बताते हैं कि बंदर व सांप की वजह से निवासी डरे हुए हैं। सेक्टर-117 निवासी रमेश सोलंकी ने बताया कि अब दोपहर के समय वह बच्चों को अकेले खेलने की अनुमति नहीं देते।
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गाजियाबाद हादसे के बाद बढ़ी जागरूकता:
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार गाजियाबाद में रैबीज से बच्चे की मौत के बाद से लोगों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने के प्रति खासी जागरुकता देखी जा रही है। अब कई लोग तो ऐसे भी सामने आ रहे हैं, जिन्हें छह से आठ माह पूर्व कुत्ते ने काटा था। ऐसे लोगों को डॉक्टरी सलाह के बाद घर भेजा जा रहा है।
कोट:::::::::::
सेक्टर से बीते दिनों कोबरा व अन्य सांप पकड़े जा चुके हैं। इन घटनाओं से लोग डरे हुए हैं। यहां बंदरों से भी परेशानी हो रही है।
- अरविंद सिंह, महासचिव महादेव अपार्टमेंट, सेक्टर-73
सेक्टर के बिजली उपकेंद्र में काफी सांप हैं, मगर वन विभाग इन्हें नहीं पकड़ रहा। कई बार यह सांप लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं।
- रामपाल भाटी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-20