कोरोना संक्रमण की वजह से जिले में इस बर्ष जारी होने वाली ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की संख्या दो सालों में कम रही। वर्ष 2019 में जिले में 66,977 लोगों को डीएल बनाए गए थे। जबकि परिवहन विभाग ने वर्ष 2020 में 62,341 डीएल जारी किए थे। वहीं इस वर्ष 54,621 लोगों को डीएल जारी किए गए हैं। जिले में लॉकडाउन से पहले डीएल बनाने के लिए दो माह की वेटिंग थी। जो अब बढ़कर चार माह की हो गई है।
हालांकि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस (आईडीपीएल) बनवाने वालों की संख्या पिछले वर्षों से ज्यादा रही। इस वर्ष 442 लोगों ने अंतरराष्ट्रीय डीएल बनवाए हैं। जबकि वर्ष 2020 में आईडीपीएल बनवाने वालों की संख्या 101 थी। वहीं जिले में पंजीकृत वाहनों की संख्या 7,82,816 है। इनमें से 3,89,139 वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लग पाई है। इस साल कुल 260649 वाहनों में एचएसआरपी लगाई गई है।
लॉकडाउन के बाद से ही स्थायी डीएल जारी होने का समय बढ़ता गया है। लॉकडाउन से पहले से दो माह की वेटिंग थी। अब तीन से चार महीने की वेटिंग है। यही कारण है कि इस साल डीएल कम बने।- एके पांडेय, उप संभागीय परिवहन अधिकारी