नोडल अधिकारी ने बच्चों के साथ नीचे बैठकर खाया मिड-डे मील
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने और मरीजों को जरूरी सुविधाएं दिलाने के लिए संचारी रोग के नोडल अफसर नरेंद्र भूषण ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के डाढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जिला अस्पताल जैसे संसाधनों से विकसित करने का निर्देश दिया है। सीईओ ने सीएमओ सुनील कुमार शर्मा से एक्सरे की सुविधा भी शुरू कराने को कहा है।
अस्पताल में प्रसव सुविधा 24 घंटे रहेगी उपलब्ध
प्राधिकरण अस्पताल के लिए एक्सरे मशीन उपलब्ध कराएगा। हालांकि, उसे चलाने के लिए स्टाफ का इंतजाम खुद करना होगा। अस्पताल में प्रसव सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। नोडल अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दिए जाने की बात कही। उन्होंने एक-एक कमरे में जाकर मरीजों, चिकित्सकों और स्टाफ से बात की। इस दौरान परियोजना विभाग को अस्पताल परिसर में इंटरलॉक टाइल्स लगाने के निर्देश दिए।
अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पताल से अनुबंध करने को कहा
अस्पताल में पार्किंग के लिए शेल्टर बनाए जाएंगे। परिसर में हाईमास्ट और अस्पताल आने के रास्ते पर स्ट्रीट लाइट लगेगी। सीईओ ने अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पताल से अनुबंध करने को कहा है। इस दौरान सामुदायिक केंद्र के प्रभारी डॉ. राहुल वर्मा, ग्रामीण लखन सिंह व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
जमीन पर बैठकर चखा मिड-डे मील का स्वाद
सीईओ नरेंद्र भूषण ने डाढ़ा गांव के भ्रमण के दौरान जूनियर हाईस्कूल में बच्चों के लिए खेलकूद सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा है। शौचालय की मरम्मत के बाद साफ रखने की भी हिदायत दी। सीईओ ने डाढ़ा के प्राथमिक स्कूल का भी मुआयना किया। उन्होंने स्कूल में जमीन पर बैठकर एक बच्चे की थाली से मिड-डे मील का स्वाद चखकर गुणवत्ता परखी और छात्र से बातें कीं।
खुली नाली को ढंकने की मांग, ठेकेदार पर जुर्माने के निर्देश
सीईओ ने डाढ़ा की गलियों में घूमकर भी निरीक्षण किया। लोग समस्या से सीईओ को अवगत कराते रहे। एक महिला बोली, साहब मेरे घर के पास नाली पर ढक्कन रखवा दीजिए। बच्चे खेलते हैं, ऐसे में उनके गिरने की आशंका रहती है। सीईओ ने खुली नाली को ढंकने के निर्देश दिए। सीईओ ने गांव के तालाब का भी जायजा लिया। इस दौरान आसपास गंदगी देख ठेकेदार पर जुर्माने लगाने के निर्देश जन स्वास्थ्य विभाग को दिए। सीईओ ने खराब सड़कों व नालियों को दो माह में दुरुस्त कराने के लिए परियोजना विभाग को निर्देशित किया है।