आने वाले पांच वर्षों में ग्रेटर नोएडा और आसपास के लोगों को ट्रेन या अंतर्राज्यीय बस पकड़ने के लिए आनंद विहार नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि बोड़ाकी से ही ट्रेन और बस मिलेगी। रेल मंत्रालय मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक रेलवे लाइन बनाने को राजी हो गया है। इसके लिए फंड ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जुटाएगा।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा में बोड़ाकी के पास मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार से इस परियोजना को मंजूरी भी मिल चुकी है। इन प्रोजेक्ट को करीब 1208 हेक्टेयर में बसाया जा रहा है। इसके लिए पांच गांवों पाली, पल्ला, कठहेरा, बोड़ाकी व चिटेहरा की जमीन ली जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
अगले तीन माह में रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। एक तरफ यात्रियों के लिए मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है तो दूसरी तरफ उद्योगों के माल ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक हब विकसित हो रहा है। इन दोनों को विकसित करने में करीब 3884 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बोड़ाकी टर्मिनल से मिलेंगी पूर्वी यूपी, बिहार के लिए ट्रेनें
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब प्रोजेक्ट के तहत रेलवे, बस अड्डा व मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। बोड़ाकी के पास ही टर्मिनल बनेगा। इस पर रेलवे ने मंजूरी दे दी है। यहां से पूरब की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनें चलेंगी। इससे दिल्ली, नई दिल्ली व आनंद विहार टर्मिनल पर भी दबाव कम होगा। ग्रेटर नोएडा व उसके आसपास रहने वालों को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि के लिए ट्रेनें यहीं से मिलेंगी। अंतर्राज्यीय बस अड्डा भी पहले ही मंजूर हो चुका है। इसके अलावा डिपो स्टेशन से मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक मेट्रो स्टेशन पर भी मुहर लग चुकी है। करीब तीन किलोमीटर लाइन बनाने की तैयारी है। यहां के उद्योगों में काम करने वालों के लिए लोकल बसें भी चलेंगी।
एक नजर लॉजिस्टिक हब पर
नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के उद्योगों की जरूरत को देखते हुए लॉजिस्टिक हब परियोजना बेहद अहम है। इसके मूर्त रूप में आने के बाद माल ढुलाई आसान हो जाएगी। मुंबई, गुजरात आदि जगहों पर जाने में चार से पांच दिन लगते हैं, इसके शुरू होने के बाद माल डेढ़ दिन में पहुंच सकेगा। दादरी के पास से गुजर रहा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इससे जुड़ेगा। लॉजिस्टिक हब तक रेलवे लाइन बनाने पर भी सहमति बन गई है। इसके लिए फंड का इंतजाम ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को करना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक हब में वेयर हाउस भी बनेंगे। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की दो लाइनें (ईस्टर्न व वेस्टर्न) हैं। दिल्ली से मुंबई ईस्टर्न लाइन है और लुधियाना से कोलकाता वेस्टर्न लाइन है। दोनों लाइनें न्यू खुर्जा में जुड़ेंगी। इसके लिए लॉजिस्टिक हब से न्यू खुर्जा तक लाइन बनाई जाएगी।
लॉजिस्टिक हब तक रेलवे लाइन और बोड़ाकी के नए टर्मिनल के लिए रेल मंत्रालय से सहमति बन गई है। दोनों की परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन परियोजनाओं के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहा है। इन दोनों परियोजनाओं से उद्योगों व यहां रहने वालों को बहुत सुविधाएं मिल सकेंगी।
- नरेंद्र भूषण, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण