ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) खराब होने पर मतदान प्रक्रिया ज्यादा देर तक प्रभावित नहीं होगी। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। कम से कम 15 मिनट और अधिकतम 30 मिनट में दूसरी ईवीएम बूथ पर पहुंच जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम को अपग्रेड किया गया है। हर सेक्टर पर एक टीम को तैनात किया है। साथ ही, हर सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के पास एक-एक ईवीएम उपलब्ध रहेगी।
पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में ईवीएम खराब होने पर जिला प्रशासन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। राजनीतिक दल, प्रत्याशियों के साथ-साथ मतदाता तरह-तरह के आरोप लगा रहे थे। साथ ही, मतदान भी कई घंटे प्रभावित रहा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो। जिला प्रशासन ने इसकी पूरी तैयारी की है। कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोल रूम को अपग्रेड किया गया है। कंट्रोल रूम पर एक सुपर नोडल अधिकारी तैनात किया गया है। हर विधानसभा सीट पर एक-एक सहायक नोडल अधिकारी तैनात किया गया है। विधानसभा वार तीन टीम बनाई गईं हैं। वहीं, तीनों विधानसभा सीटों को कुल 26 जोन में बांटा गया है। कंट्रोल रूम में हर सेक्टर में एक टीम को तैनात किया गया है। अगर उनके सेक्टर में ईवीएम खराब होती है तो टीम इसकी सूचना सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट को देगी, ताकि बदला जा सके।
हर सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट के पास होगी ईवीएम
विधानसभा चुनाव में कुल 26 जोनल और 125 सेक्टर में बांटा गया है। उन पर एक-एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। मतदान के दिन इन सभी सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के पास एक-एक ईवीएम उपलब्ध रहेगी। साथ ही, तीनों विधानसभा सीटों में कुल 5 केंद्र बनाए गए है। वहां पर रिजर्व ईवीएम रखी जाएंगी। अगर किसी सेक्टर या जोन में एक से अधिक ईवीएम की जरूरत पड़ती है तो यहां से ईवीएम मंगाई जाएंगी।
कंट्रोल रूम के नंबर से नहीं करेंगे फोन
कंट्रोल रूम का नंबर 1950 है। इसकी छह लेन काम कर रही है। नौ और दस फरवरी को कंट्रोल रूम के कर्मचारी केवल आने वाले फोन को ही सुनेंगे। अगर किसी शिकायतकर्ता को फोन करना है तो कर्मचारी अपने निजी नंबर से फोन करेंगे। इससे कंट्रोल रूम के नंबर को अन्य कॉल के लिए फ्री रखा जा सकेगा।
कंट्रोल रूम में यह व्यवस्था नौ और दस फरवरी के लिए की गई है। अगर कहीं पर ईवीएम खराब होती है तो 15 से 30 मिनट में खराब ईवीएम को बदलकर मतदान शुरू कराया जाएगा। - कोमल पवार, कंट्रोल रूम की नोडल अधिकारी