डाबड़ी स्थित नवजातों के अस्पताल में आग लगने का मामला
दो साल पहले किया था आवेदन अभी तक नहीं मिली स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डाबड़ी स्थित नेस्ट न्यू बोर्न एंड चाइल्ड अस्पताल बिना प्रमाणपत्र के ही चल रहा है। वर्ष 2021 में ही सेवाएं देने के प्रमाणपत्र की अवधि खत्म हो गई थी। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल को चलाया जा रहा था। वहीं, अस्पताल के लिए इस्तेमाल किया जा रहा भवन व्यावसायिक है जिसमें अन्य व्यापारिक गतिविधियां भी चल रही थीं। सुरक्षा के दृष्टि से कोई इंतजाम नहीं थे। आवागमन के लिए एक ही रास्ता है।
अस्पताल में नवजात को नर्सरी में रखा जाता था। बृहस्पतिवार देर रात अस्पताल के बेसमेंट में आग लगने के बाद दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद 20 नवजात को सुरक्षित निकालकर उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजा था। को कुछ बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस का कहना है कि अस्पताल संचालक ने वर्ष 2021 में प्रमाणपत्र के लिए संबंधित विभाग में आवेदन किया था, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं दिया गया था। जांच में खामियों के बाद पुलिस ने इमारत और अस्पताल के मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने दोनों को जांच में जुड़ने का नोटिस देकर कागजात प्रस्तुत करने के लिए कहा है। शनिवार को फोरेंसिक की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। टीम ने यहां से कुछ साक्ष्य इकट्ठा किए हैं।