फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राधिकरण से वार्ता फिर विफल, सभी गेट बंद करेंगे किसान

विज्ञापन
नोएडा प्राधिकरण कार्यालय गेट पर प्रदर्शन करते किसान।
विज्ञापन
नोएडा। आबादी और मुआवजे की मांगों के लिए धरना दे रहे किसानों और प्राधिकरण के अधिकारियों के बीच सोमवार को तीन घंटे चली वार्ता फिर विफल हो गई। अब किसानों ने प्राधिकरण के सभी गेट बंद कर संपूर्ण लॉकडाउन करने की घोषणा की है। किसान संगठनों ने मंगलवार को प्राधिकरण कार्यालय पर भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
विज्ञापन

भारतीय किसान परिषद के तत्वाधान में सोमवार को प्राधिकरण दफ्तर पर किसानों का आंदोलन 104 वें दिन भी जारी रहा। दोपहर बाद भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने मंच से बताया कि 3 बजे से किसान प्रतिनिधिमंडल और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच वार्ता है। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू हुई और करीब तीन घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही।
सुखबीर खलीफा ने बताया कि शनिवार और सोमवार की बैठक में अधिकारियों की कथनी और करनी में अंतर नजर आ रहा था। बैठक के बाद किसान नाराज हो गए और प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाहर निकले। उन्होंने कहा कि केवल बैठक के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। प्राधिकरण का किसानों की समस्या का निस्तारण करना उद्देश्य नहीं है। सभी किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि अब समाधान नहीं होने तक प्राधिकरण पर संपूर्ण लॉकडाउन रहेगा और जल्द ही जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन

ट्रैक्टर टॉलियों के साथ किसानों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) परियोजना से प्रभावित किसानों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। किसानों ने पूरे दिन धरना दिया। इस बीच अपर जिलाधिकारी की तरफ से वार्ता का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन किसानों ने उसका बहिष्कार कर दिया। अब मंगलवार की दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट के सभागार में जिलाधिकारी के साथ वार्ता होगी।
डीएमआईसी से प्रभावित गांव पल्ला, पाली, चिटहेरा, कटहेरा, बोड़ाकी व अन्य के किसान नए भूमि अधिग्रहण कानून का लाभ, 20 प्रतिशत विकसित जमीन, बालिग बच्चों को नौकरी और भूमिहीन किसानों को पुनर्वास देने की मांग कर रहे है, लेकिन प्रशासन और सरकार मांग को पूरी नहीं कर रहे है। जिस पर किसानों ने किसान अधिकार युवा रोजगार आंदोलन चलाया हुआ है। इसी के तहत सोमवार की सुबह बड़ी संख्या में किसान कलेेक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने किसानों के ट्रेक्टर को अंदर नहीं जाने दिया। किसान पैदल डीएम कार्यालय के बाहर पहुंचे और जमकर नारेबाजी कर धरना शुरू कर दिया। इसी बीच एडीएम की तरफ से वार्ता का प्रस्ताव भेजा गया। जिलाधिकारी नहीं होने पर किसानों ने बहिष्कार कर दिया। काफी गहमागहमी के बाद मंगलवार को एक बजे की वार्ता पर सहमति बनी है। किसानों की 51 सदस्य समिति बैठक में भाग लेगी।
पल्ला में शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना
वार्ता नहीं होने पर किसानों ने शाम को धरना समाप्त कर दिया। उसके बाद पल्ला गांव में व्यायामशाला पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो फिर असहयोग आंदोलन शुरू करेंगे। इस मौके पर पल्ला, पाली, चिटहेरा, कटहेरा व बोड़ाकी गांव की किसान संघर्ष समितियां, युवा संघर्ष समिति, जय जवान जय किसान मोर्चा, देहात मोर्चा, किसान एकता संघ, भारतीय किसान सभा और भाकियू अम्बावता के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें