नोएडा(संवाद)। देश के प्रसिद्ध कला इतिहासकार और कोशकार रूपनारायण बाथम को कला व संस्कृति के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक के अमूल्य योगदान के लिए एशियन एकेडमी ऑफ आर्ट्स ने अटल बिहारी वाजपेयी नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
कला और स्थापत्य के गहन शोधकर्ता बाथम ने भारतीय और वैदिक कला पर अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे हैं। वह भारत के सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रायोजित उस अनूठी परियोजना से जुड़े रहे, जिसके अंतर्गत देश की सभी 22 राजभाषाओं में कला विषयक अनुवाद और प्रकाशन किया जा रहा है। इसका लाभ हिंदी के साथ-साथ गुजराती, मराठी, बंगला, तमिल,तेलुगु, असमी समेत अन्य प्रादेशिक भाषाओं के कला विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिल रहा है। हिंदी व अंग्रजी में भारतीय एवं वैदिक कला पर उनकी कई पुस्तकों का उपयोग देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में कला विद्यार्थियों और अध्येताओं के लिए अत्यंत उपयोगी माना जाता है। 1943 में कानपुर में जन्मे बाथम 1980 से नोएडा में निवासरत हैं। उनकी पत्नी विभा बाथम उत्तर प्रदेश राज्य में महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं।