बदायूं। कल्लिया काजमपुर से डेढ़ साल पहले लापता पांच माह के बालक को पुलिस आज तक नहीं ढूंढ पाई। बीच में पुलिस ने उसे तलाश करने के कई दावे किए लेकिन सारे बेकार साबित हुए। अब पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी है।
यह मामला तीन अक्तूबर 2021 का है। उस रात कल्लिया काजमपुर निवासी नेम सिंह, उसकी पत्नी कन्यावती घर के बरामदे में अलग-अलग चारपाई पर सो रहे थे। कन्यावती के पास उसका पांच माह का बेटा आयुष सो रहा था, जबकि बड़ा बेटा नीरज नेम सिंह के पास था। रात 12 बजे अचानक कन्यावती अपने बच्चे को दूध पिलाने के लिए उठी तो उसका बेटा चारपाई पर मौजूद नहीं था। पहले दंपती ने अपने बच्चे को काफी तलाश किया। जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिससे पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।
कई दिन तक पुलिस बच्चे को तलाश करने में लगी रही। कुछ लोगों को पकड़कर पूछताछ भी की गई। कई तांत्रिकों को भी उठाया गया। एक माह तक पुलिस अलग-अलग स्थानों पर दबिश देने का दावा करती रही लेकिन पुलिस को हासिल कुछ नहीं हुआ।
इस मामले में नेम सिंह ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। अब तक पुलिस बच्चे को तलाश करने का दावा करती रही थी लेकिन धीरे-धीरे यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब इसमें एफआर लगाकर मामला बंद कर दिया गया है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार वर्धन ने बताया कि दर्ज एफआईआर में एफआर लगा दी गई है लेकिन सुरागरसी अभी जारी है।
केस से पीछा छुड़ाने को हाथरस में बताया था बच्चा
10 अक्तूबर को हाथरस में बैग में बंद एक बच्चा मिला था। दोनों बच्चों की शक्ल सूरत अलग-अलग थी। इसके बावजूद पुलिस ने दावा किया कि वह बच्चा दंपती का है। दंपती लगातार मना कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस उन्हें हाथरस ले गई। उनका डीएनए मिलान को सैंपल लिया गया। अगस्त 2022 तक यह मामला डीएनए जांच पर लटका रहा। आखिर रिपोर्ट में डीएनए मिलान नहीं हुआ। फिर पुलिस ने भी अपना पल्ला झाड़ लिया।