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दुकानदार की मेरठ ले जाकर हत्या, पूर्व होमगार्ड और सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार

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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी। संवाद - फोटो : Grnoida
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जारचा। छपरौला से लापता हार्डवेयर दुकानदार असलम की पांच लाख रुपये के लोन को हड़पने के लिए मेरठ ले जाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले में पूर्व होमगार्ड व एक सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। दुकानदार को किसी भवन के निर्माण के लिए हार्डवेयर आदि का काम दिलाने का झांझा देकर आरोपी बाइक पर बैठाकर मेरठ ले गए और मोबाइल से लोन की रकम खाते में हस्तांतरित करने का प्रयास किया, लेकिन रकम पहले ही खर्च कर देने से रुपये हस्तांतरित नहीं हुए। इससे नाराज होकर आरोपियों ने असलम की हत्या कर दी और शव धान के नीचे छुपा दिया।
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पुलिस के अनुसार, मूलरूप से बिहार निवासी असलम (55) बीस वर्षों से दादरी की नई आबादी स्थित रज्जाक कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। परिवार में पत्नी दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी विवाहित है। असलम छपरौला की सरपंच मार्केट में हार्डवेयर की दुकान चलाता था। 12 जनवरी की शाम पांच बजे दुकान बंद कर चाबी पड़ोसी दुकानदार को देकर असलम चला गया था। दो दिन तक दुकान पर नहीं आया तो पड़ोसी दुकानदार ने असलम को फोन किया जो बंद था। परिजनों से पूछा तो पता चला कि वह किसी काम के लिए मेरठ गया है। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने 19 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज करा दी।
फुटेज में खाकी पेंट वाले के साथ स्कूटी पर दिखा दुकानदार
पुलिस को दुकान के पास लगे सीसीटीवी में असलम स्कूटी पर खाकी पैंट वाले व्यक्ति के साथ बैठकर गलत दिशा से गाजियाबाद की ओर जाता दिखाई दिया। खाकी पेंट वाले के संबंध में पड़ताल की गई तो पता चला कि वह मेरठ का छिलौरा गांव निवासी बिनेश है। वह पहले होमगार्ड था। वह फिलहाल छपरौला में किराये पर रह रहा था और कुछ दिन से असलम की दुकान पर आने लगा था। पुलिस ने हिरासत में लेने पर उससे पूछताछ कि तो उसनेे पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि असलम को गाजियाबाद छोड़ दिया था। पुलिस ने उसे छोड़ दिया, लेकिन परिजनों ने यह कहकर दबाव बनाया कि लिफ्ट देने वाला व्यक्ति गलत दिशा से स्कूटी लेकर नहीं जाएगा।
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कर्ज चुकाने के लिए हड़पना चाहता था रकम
परिजनों के कहने पर पुलिस ने दोबारा बिनेश को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया। थाना प्रभारी के मुताबिक, बिनेश ने बताया कि उसने असलम से कहा था कि उसे एक बड़ा काम दिला सकता है, इसके लिए मेरठ चलना पड़ेगा। असलम ने कुछ दिन पहले ही कर्ज चुकाने के लिए पांच लाख का लोन लिया था। बिनेश को उम्मीद थी कि लोन की रकम उसके खाते में होगी, लेकिन असलम ने कर्ज अदा कर दिया था। आरोपी 12 जनवरी को स्कूटी पर बैठाकर असलम को मेरठ ले गया। यहां बिनेश ने निवाड़ी गांव निवासी दोस्त सुरक्षाकर्मी राजेश को बुला लिया। इसके बाद तीनों छिलौरा गांव पहुंचे। यहां तीनों ने शराब पी और असलम के मोबाइल से ऑनलाइन रुपये हस्तांतरित करने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब न होने पर गला दबाकर असलम की हत्या कर फरार हो गए।

पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी। संवाद - फोटो : Grnoida

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