नोएडा (सुशील पांडेय)। मुंबई की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग अगले सप्ताह सेक्टर-93ए स्थित ट्विन टावर का निरीक्षण करेगी। इसका मकसद ट्विन टावर को गिराने से होने वाली परिस्थितियों का आकलन करना होगा। इमारत गिराने में यह कंपनी विशेषज्ञ है। सुपरटेक ने इस कंपनी से संपर्क किया है।
सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की टीम दो बार नोएडा आकर जायजा ले चुकी है। गठित कमेटी के सदस्य भी निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी ऐसी विशेषज्ञ एजेंसी का पता नहीं लगाया जा सका है, जो खुलकर यह कह सके कि ट्विन टावर को सफलतापूर्वक गिराया जा सकता है। एजेंसी चयन का काम टेंडर से होगा। प्राधिकरण के सूत्रों का कहना है कि सीबीआरआई ने अब तक कार्ययोजना पेश नहीं की है। सीबीआरआई ने प्राधिकरण से ट्विन टावर की ड्राइंग की हार्डकॉपी मांगी है। इसका अध्ययन वह टावर को गिराने के लिए करेंगे। इसमें कमेटी में नियुक्त दूसरे अधिकारी भी सहयोग करेंगे।
इधर, सुपरटेक को भी कहा गया है कि वह अपनी तरफ से किसी विशेषज्ञ एजेंसी से संपर्क कर आकलन करे कि टावर गिराने का काम कैसे होगा। इसी कारण सुपरटेक ने मुंबई की कंपनी से संपर्क साधा है। सुपरटेक की ओर से कंपनी के प्रबंधकों को मामले से अवगत कराकर पूछा गया है कि यह काम हो पाएगा या नहीं। कंपनी के पदाधिकारी अगले सप्ताह मंगलवार या बुधवार को नोएडा पहुंचेंगे।
परिसर की साफ-सफाई कराएगा बिल्डर
प्राधिकरण ने ट्विन टावर परिसर की साफ-सफाई के लिए बिल्डर से कहा है। अधिकारियों का कहना है कि परिसर में अब रोजाना किसी न किसी को मौके पर निरीक्षण के लिए जाना पड़ रहा है। परिसर में नीचे के क्षेत्र में पानी भरा हुआ है।