MSME For Bharat: युवाओं-लघु उद्योगों के लिए नई राह, एमएसएमई मंथन ने दी दिशा, निर्यातकों ने इन मुद्दों को उठाया
लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) की चुनौतियों और उनके समाधान पर मुरादाबाद में विमर्श के लिए अमर उजाला एमएसएमई मंथन का आयोजन हुआ। एमएसएमई मंत्रालय के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में उद्योग जगत की नामी हस्तियां, व्यापारी, निर्यातक और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में जुटे।
उद्देश्य था स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उन्हें सरकार तक पहुंचाना और समाधान की दिशा तय करना। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस मौके पर राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरेश कुमार गुप्ता, लघु उद्योग भारती के जिला इकाई प्रमुख रचित अग्रवाल, और एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र सहित कई अधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।
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MSME for Bharat: कॉन्क्लेव में बोले मंत्री राकेश सचान... यह सबसे बड़ा सेक्टर, बुंदेलखंड की ओर सरकार की नजर
झांसी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि बुंदेलखंड पर सरकार की खास नजर है। आने वाले समय में यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बुंदेलखंड के लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा। वह दिन दूर नहीं जब उनको यहां रोजगार मिलेगा।
शनिवार को बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से अमर उजाला की ओर से आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा, कृषि के बाद सबसे अधिक दो करोड़ रोजगार एमएसएमई सेक्टर से मिल रहा है। सरकार ने अलग से एमएसएमई पॉलिसी बनाई। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ओडीओपी-टू लाया जाएगा। लोन सीमा पांच करोड़ करने के साथ सब्सिड़ी रकम 50 लाख रुपये करने की योजना है। इसे जल्द कैबिनेट से मंजूर कराया जाएगा।
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MSME for Bharat: सोलन में मंत्री हर्षवर्धन बोले- उद्योगों को धारा 118 में बार-बार मंजूरी लेने की जरूरत नहीं
वैश्विक मानचित्र पर पहचान बना चुके हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक जिला सोलन में शनिवार को एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। अमर उजाला की ओर से देहूंघाट स्थित होटल पाइनग्रोव में हुए इस सम्मेलन में हिमाचल के उद्योग, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उद्यमियों, अधिकारियों और विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) के समक्ष आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर मंथन किया। कॉन्क्लेव में उद्योग जगत की हस्तियों ने भविष्य के एमएसएमई के साथ मौजूदा दौर में पेश आ रही चुनौतियों पर चर्चा के साथ उनसे निपटने के रास्ते पर भी मंथन किया।
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MSME For Bharat: फरीदाबाद के उद्यमियों ने गिनाईं समस्याएं, निगम आयुक्त का वादा, अधिकारियों ने दिया भरोसा
हरियाणा के फरीदाबाद में जिले के प्रमुख उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी वर्षों पुरानी समस्याएं खुलकर रखीं। ट्रैफिक जाम, जलभराव और स्टार्टअप पंजीकरण प्रक्रिया में आने वाली अड़चनों को लेकर उद्यमियों ने चिंता जताई और जल्द समाधान की मांग की।
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MSME For Bharat: 'एमएसएमई को मजबूत करने के लिए नियमों में हो बदलाव, सरकारी तंत्र की निगरानी से आएगी और मजबूती'
एमएसएमई को मजबूत करने के लिए नियमों में समय समय पर बदलाव लाने की जरूरत है। सरकार जो नियम आसान कर रही है उसे धरातल पर लाने के लिए सरकारी तंत्र की निगरानी की जाए। इन्हीं आसान तरीकों से एमएसएमई प्रदेश की उन्नति में और भी ज्यादा सहायक होंगे। ये बातें हरिद्वार अमर उजाला के एमएसएमई फॉर भारत के मंच पर मंथन में उद्योगपतियों ने कहीं। उन्होंने प्रदेश में भविष्य के एमएसएमई पर भी चर्चा की और इसकी चुनौतियों पर भी।
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MSME For Bharat: 'एमएसएमई से बनेगा देश सोने की चिड़िया...', अर्थव्यवस्था को गति देने में युवा निभाएं भूमिका
देश को फिर से सोने की चिड़िया बनाना है तो एमएसएमई का महत्व समझना होगा। युवा अब नाैकरी करने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनें। कुछ ऐसी ही विचार शनिवार को अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव आगरा में सामने आए। काॅन्क्लेव का आयोजन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पाॅलीवाल कैंपस स्थित जुबली सभागार में किया गया। रोजगार सृजन और एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए मंथन किया गया। एमएसएमई, केंद्र व राज्य वस्तु एवं सेवाकर, जिला व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ ही उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी।
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MSME for Bharat: अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में जुटे उद्यमी, चुनौतियां और अवसर पर हुई चर्चा
अलीगढ़ के कल्याण सिंह हैबीटेट सेंटर में शनिवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की राह को और बेहतर बनाने के अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों ने कहा कि अगर एमएसएमई के क्षेत्र में विसंगतियों को दूर कर विभागीय जटिलताओं को आसान कर दिया जाए तो जिले में उद्योगों को और रफ्तार मिलेगी। आगे पढ़ें...
MSME for Bharat: जम्मू में इन कमियों से जूझ रहे उद्योग, सीएम की अपील; उपमुख्यमंत्री ने की ये प्रमुख घोषणाएं
जम्मू-कश्मीर में एमएसएमई सेक्टर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कारोबारी कह रहे हैं कि टैक्स का बोझ, कच्चे माल पर महंगाई, योजनाओं का टोटा और ढांचागत कमी ने उनकी हालत खराब कर दी है। जीएसटी रिफंड और टर्नओवर इंसेंटिव समय पर न मिलने से कारोबारियों की पूंजी फंस गई है। नई केंद्रीय क्षेत्र योजना (एनसीएसएस) बंद हो जाने और भूमि आवंटन में पारदर्शिता न होने से निवेश ठप पड़ गया है। उद्योगों की ऐसी कई मुश्किलों को उद्यमियों ने शनिवार को अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में रखा।
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