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मां-बेटी हत्याकांड : ऑटो चालक समेत दो संदिग्ध हिरासत में, 45 के बयान दर्ज

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शाहपुर इलाके में हुई थी वारदात, पर्दाफाश के लिए क्राइम ब्रांच, सर्विलांस समेत पुलिस की पांच टीमें लगीं
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मृतका विमला के मोबाइल की सीडीआर के जरिये हत्यारोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही पुलिस
फॉरेंसिक साक्ष्य और पड़ोसियों से पूछताछ में हत्याकांड में किसी अपनों के हाथ की आशंका

लखनऊ निवासी बेटी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
गोरखपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुरवा मोहल्ले में सोमवार देर रात हुई मां-बेटी की हत्या के मामले की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में ऑटो चालक समेत दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। करीब 45 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस की क्राइम ब्रांच, सर्विलांस, स्वॉट और स्थानीय पुलिस की पांच टीमें मामले के पर्दाफाश में लगी हैं।
मामले में मंगलवार देर रात पुलिस ने मृतका शांति देवी की बेटी लखनऊ निवासी सुशीला की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सोमवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने शांति देवी (75) और उनकी बेटी विमला जायसवाल (55) की हथौड़ा से सिर पर वार कर हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव कमरे में खून से सने मिले थे। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वाॅड की टीम संग पहुंचकर जांच की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका विमला और शक के दायरे में आए पड़ोसी ऑटो चालक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली गई। इसके आधार पर कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया कि स्थानीय ऑटो चालक लगातार एक प्रॉपर्टी डीलर से संपर्क में था, जिसने पांच वर्ष पहले मृतका शांति देवी की बेटी सुशीला से उनकी मकान का 55 लाख रुपये में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था।
घटनास्थल पर बुलाए गए खोजी कुत्ता भी ऑटो चालक के घर की ओर ही गया था। इसके बाद पुलिस की शंका और गहरी हो गई। सीडीआर से यह भी पुष्ट हुआ कि घटना की रात दो बजे तक ऑटो चालक अपने साथियों के साथ रेलवे स्टेशन के पास शराब पी रहा था। देर रात तक उसकी लोकेशन घर के इर्द-गिर्द घूमती मिली, जो उसे संदेह के दायरे में ले आई है। पुलिस उससे सख्ती से पूछताछ कर रही है और उसकी गतिविधियों का क्राइम रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।


फॉरेंसिक जांच में इनसाइड एंगल मजबूत
क्राइम सीन की बारीकी से जांच कर रहे फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे में संघर्ष के निशान, खिड़की-दरवाजे और शवों की स्थिति का विश्लेषण किया। जांच में यह बात सामने आई कि घर में जबरन घुसने या ताला तोड़ने के कोई स्पष्ट निशान नहीं हैं। इससे पुलिस को ‘इनसाइड एंगल’ यानी किसी परिचित या भरोसेमंद व्यक्ति की ओर से वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका गहरा गई है। वहीं पड़ोसियों से पूछताछ में पुलिस को कई छोटे-बड़े इनपुट मिले हैं। कुछ लोगों ने बताया कि मृतक विमला बीते कुछ समय से तनाव में थीं और कभी-कभी घर में आने-जाने वाले व्यक्तियों को लेकर असहज दिखाई देती थीं। हालांकि उनका किसी से खुला विवाद सामने नहीं आया।


कई संदिग्धों की कॉल लोकेशन खंगाली
वारदात के बाद पुलिस टीमों ने मोहल्ले और आसपास के इलाके में लगातार लोगों से पूछताछ की। 45 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। जिन लोगों ने मृतका से नियमित संपर्क रखा था, उन्हें भी इस पूछताछ शामिल किया गया है। सर्विलांस टीम ने कई नंबरों की कॉल डिटेल और उस रात की लोकेशन का विश्लेषण किया है। कुछ लोकेशन संदिग्ध पाई गई हैं, जिनकी जांच तेज कर दी गई है।
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पांच टीमों की लगातार जांच की निगरानी खुद एसएसपी कर रहे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड जल्द सुलझने के करीब है। फिलहाल, पुलिस ऑटो चालक व एक अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं किसी संपत्ति विवाद, घरेलू तनातनी या किसी नजदीकी व्यक्ति की रंजिश में तो वारदात को अंजाम नहीं दिया गया।
- रवि सिंह, सीओ, गोरखनाथ
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