फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले चरण में 200 एकड़ में बनेगा मेडिकल डिवाइस पार्क

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-28 में प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्र सरकार की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। वहीं, अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की अध्यक्षता में यमुना प्राधिकरण की 72वीं बोर्ड बैठक में भी इस पर मुहर लगा दी गई। इसके तहत पहले चरण में 200 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा। स्कीम निकालने से पहले यीडा इसके प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास करेगा। इसमें रोड शो और अन्य गतिविधियां शामिल होंगी। बोर्ड बैठक में कुल 41 एजेंडे रखे गए। बैठक में यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह समेत तीनों प्राधिकरण के अन्य अधिकारी शामिल रहें।
विज्ञापन

यीडा के सीईओ अरुणवीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने चार राज्यों को मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए सहमति दी थी। इसमें हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शामिल थे। उत्तर प्रदेश का मेडिकल डिवाइस पार्क यीडा क्षेत्र में बनेगा। मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट उत्तर प्रदेश शासन के माध्यम से भारत सरकार के औषधि विभाग को अनुमोदन के लिए भेजी गई थी। यीडा की ओर से इसकी विस्तृत डीपीआर तैयार की गई। 31 दिसंबर को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के सचिव के सामने इसका प्रजेंटेशन दिया गया। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इसमें कुछ संशोधन के लिए कहा गया है जो कि तीन-चार दिन में कर दिया जाएगा।
बड़ी कंपनियों को लाने का होगा प्रयास
मेडिकल डिवाइस पार्क को विकसित करने के लिए आईआईटी कानपुर का तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। यहां एक डाटा सेंटर भी होगा। यहां बड़े मशीनी उपकरणों के उत्पादन होंगे। इसमें सिटी स्कैन, एमआरआई, वेंटिलेटर सहित कई अन्य उत्पाद शामिल होंगे। पूरा फोकस ऐसे उपकरणों पर होगा जिनका आयात किया जा रहा है। इसमें बड़ी कंपनियों को निवेश कराने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन

ओटीएस स्कीम को लोगों ने लिया हाथोंहाथ
ग्रेटर नोएडा। यीडा अलग-अलग मदों में बकाये की राशि के लिए एकमुश्त समाधान योजना ओटीएस स्कीम लेकर आया था। योजना में 31 दिसंबर तक पैसा जमा करने वालों को दंडात्मक ब्याज से मुक्ति दी गई थी। इस स्कीम को आवंटियों ने हाथों हाथ लिया और 2593 आवेदन आए। इससे प्राधिकरण को जहां 416 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे। वहीं आवंटियों को 650 करोड़ का फायदा होगा। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इसमें से करीब 1700 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक इस स्कीम में अक्तूबर में 413 आवेदन आए। इसी तरह से नवंबर में 1765 और दिसंबर में 415 आवेदन आए। इसके निस्तारण के लिए दो माह की अवधि निश्चित है। इस योजना में डेवलपर्स, बिल्डर, ग्रुप हाउसिंग और टाउनशिप योजना को शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अक्तूबर के सभी 413 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। वहीं नवंबर के 1765 आवेदनों के सापेक्ष अब तक 825 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है। इस योजना से अब तक पंजीकरण शुल्क के तौर पर 11.85 करोड़ की राशि मिली है। ब्यूरो
डाटा पार्क के लिए एफएआर बढ़ाया
यीडा क्षेत्र में स्वीकृत डाटा पार्क में दो अतिरिक्त लाभ देने का फैसला यमुना प्राधिकरण ने किया है। इसमें फ्लोर एरिया रेशियो एफएआर को 1.5 से बढ़ाकर 3 कर दिया गया है। वहीं ग्राउंड कवरेज 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जा रहा है। हालांकि ऊंचाई 24 मीटर ही रहेगी। इसका मकसद बड़ी-बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना होगा। यानी अब बड़ी कंपनियां ज्यादा निवेेश कर सकती हैं। उनके पास बड़े डाटा पार्क बनाने का विकल्प होगा। ब्यूरो
नोएडा की तर्ज पर टेंडर प्रक्रिया
नोएडा प्राधिकरण में दिल्ली शिड्यूल रेट व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसी तर्ज पर अब यमुना प्राधिकरण में भी यूपी पीडब्ल्यूडी शिड्यूल रेट लागू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पहले एस्टिमेट के सापेक्ष बहुत ज्यादा नीचे तक टेंडर चला जाता था। कई बार 60 प्रतिशत तक कम पर लोग टेंडर डालते थे। लेकिन इस बदलाव से अब प्रक्रिया सरल होगी। नोएडा की तर्ज पर इसे यहां भी लागू कर दिया गया है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें