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माता वैष्णो देवी हादसा : पीछे छूटे दोस्त के लिए नहीं रुकते तो फंस जाते

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ग्रेनो के नौ युवक का ग्रुप। संवाद - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। जिस समय भगदड़ मची थी, उस समय जिले के काफी भक्त भी दर्शन के लिए गए थे। ग्रेनो से गया नौ युवकों का ग्रुप सकुशल होने पर खुद को खुश किस्मत मान रहा है।
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ग्रेटर नोएडा के सुथ्याना गांव निवासी राहुल के साथ आठ दोस्त चौगानपुर, जलपुरा, बहलोलपुर, दतावली से सभी कार मेें कटरा पहुंचे थे। शुक्रवार की शाम सभी ने माता के दर्शन करने के लिए यात्रा शुरू की। राहुल ने बताया कि भवन पर तड़के हादसा हुआ था। हादसे से कुछ मिनट पहले ही वे भवन पर पहुंचे थे, लेकिन एक दोस्त पीछे रह गया था जिसका वे भीड़ के पीछे इंतजार करने लगे। दोस्त के आने पर जैसे ही वे भीड़ में घुसे तो भगदड़ मच गई। ऐसे में सभी ने भीड़ से खुद को किसी तरह बाहर किया, लेकिन तब तक वहां चीख पुकार मच गई थी। मंजर काफी दर्दनाक था। एक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
अगर उनका दोस्त पीछे नहीं रहता तो वे भी भगदड़ में फंस सकते थे। हादसे से सभी काफी घबरा गए थे। माता के दर्शन रोक दिए गए थे, इसलिए सभी नीचे उतर आए। सुबह सात बजे कटरा पहुंचकर सभी ने राहत की सांस ली। इसके बाद घर से फोन आना शुरू हो गए। सभी ने परिजनों को सकुशल होने की जानकारी दी।
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सुबह तसल्ली करने के बाद पहुंचे माता के भवन
बिसरख के विकास भाटी, भारत भाटी, अरविंद भाटी दो अन्य दोस्तों के साथ शुक्रवार की रात कटरा पहुंचे थे। शनिवार सुबह हेलीकॉप्टर से ऊपर जाना था, लेकिन हादसे की जानकारी मिलने पर सभी घबरा गए। सभी ने पहले ऊपर के हालात की जानकारी ली। संतुष्ट होने के बाद सभी दर्शन करने ऊपर पहुंचे। नववर्ष पर माता के दरबार में ज्यादा भीड़ नहीं थी। काफी लोग नीचे से ही लौट गए थे।
फ्लाइट से आज दिल्ली आएगा मोनू का शव
ग्रेटर नोएडा। माता वैष्णो देवी के भवन पर भगदड़ में जान गंवाने वाले दादरी के मोनू का शव फ्लाइट से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए मेरठ स्थित मूल गांव जाएगा। जिला प्रशासन ने शव लेने और गांव भोले की झाल तक पहुंचाने की व्यवस्था की है। दादरी तहसील के एक तहसीलदार की ड्यूटी इसमें लगाई गई है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. नितिन मदान ने बताया कि अभी समय तय नहीं हुआ है, लेकिन रविवार को ही शव आने की उम्मीद है। दादरी तहसील के एक तहसीलदार एयरपोर्ट पर मौजूद रहेंगे। उनके साथ परिवार के सदस्य भी रहेंगे। एक एंबुलेंस भी रहेगी जिससे शव को भोले की झाल गांव भेजा जाएगा। अभी प्रदेश सरकार की तरफ से किसी तरह की आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की गई है।
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