देश के आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए शुरू की गई स्टार्ट अप इंडिया को रिंगिंग बेल का मास्टरमाइंड मोहित गोयल पलीता लगा रहा था। एमबीए पास मोहित शामली का रहने वाला है और वर्ष 2015 में मोहित ने रिंगिंग बेल कंपनी खोली। खुद इसका एमडी बनकर लोगों को 251 रुपये में एंड्रायड फोन देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
रिंगिंग बेल कंपनी की ठगी उस वक्त देश भर में सुर्खियों में था।
इसमें वह 2017 में जेल गया और जेल से बाहर आकर इसने मास्टर फ्रीडम कंपनी की शुरुआत की। इस कंपनी की तरफ से लोगों को 2399 रुपये में मोबाइल, 9900 रुपये में एलईडी 32 इंच टीवी देने का झांसा दिया था। इस मामले में भी कोतवाली सेक्टर-58, गाजियाबाद, जालंधर, पानीपत, गोरखपुर, हल्द्वानी आदि जगहों पर मुकदमा हुआ।
मोहित इस मामले में जेल से जमानत पर छूटा और 2017 में ही वह ड्राई फ्रूट्स
के फर्जी कारोबार में घुस गया। दुबई ड्राई फ्रूट्स कंपनी के शिकार हुए ट्रेडलैब ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म संचालक रोहित मोहन का कहना है कि हमलोगों ने प्रधानमंत्री के दिखाए रास्ते पर ही स्टार्ट अप के तहत इस फर्म की शुरुआत की थी। लेकिन मोहित गोयल नामक शख्स ने हमलोगों के स्टार्टअप योजना को ध्वस्त कर दिया।
फर्म संचालक राजेश गोयल का कहना है कि उन्होंने भी स्टार्ट अप योजना के तहत इस काम को आरंभ किया लेकिन मोहित गोयल ने उसके दो करोड़ रुपये डूबा दिया। ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो लगातार स्टार्ट अप योजना शुरू करने की दुहाई दे रहे है और मोहित की जाल में फंस गए हैं। स्टार्ट अप इंडिया की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में लाल किले के प्रचीर से की थी। इसके तहत देश में रोजगार के अवसर को उत्पन्न कराना था।
हनी ट्रैप में भी गया है जेल
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि मोहित गोयल वर्ष 2019 में हनी ट्रैप में भी दिल्ली से जेल जा चुका है। वहीं जो भी व्यापारी जिनका पैसा फंसा हुआ है, अगर वह मोहित के खिलाफ आवाज उठाते थे तो उन्हें साजिश के तहत हनी ट्रैप में फंसा देता था। ऐसे ही मामले में राजस्थान के पांच व्यापारियों को हनी ट्रैप में इसने फंसाया है।