स्कूलों की राहें फिर रोशन होने लगी हैं। लेकिन सफर का अंदाज पूरी तरह बदल चुका है। दो साल कोरोना से फैली अनिश्चितता के चलते स्कूलों में सामान्य उपस्थिति बेहद कम रही है। कोविड के बढ़े प्रकोप ने ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा तो दिया। लेकिन स्कूलों में होने वाली विभिन्न गतिविधियों जैसे सांस्कृतिक आयोजन, खेलकूद एवं रंगारंग कार्यक्रम आदि पर लगभग रोक सी लग गई। कोविड का असर कम होने के साथ ही अब शहर के स्कूल पुन अपने पुराने ढर्रे पर लौट रहे हैं। अब सामान्य कक्षाएं, परीक्षाएं ही नहीं बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियां दोबारा तेज हो चुकी हैं। लेकिन कोविड गाइडलाइन का पालन आज भी प्राथमिकता है।
स्कूल में उपस्थिति लगातार बढ़ी है। अब करीब सब बच्चे आने लगे हैं, परीक्षाओं के दौरान 100 प्रतिशत उपस्थिति रही है। हम कोविड नियमों के पालन को लेकर काफी सजग हैं। साथ ही अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को भी किसी तरह की लापरवाही ना बरतने के लिए जागरूक करते रहते हैं।
- डॉ नीरज टंडन
प्राचार्य पंचशील बालक इंटर कॉलेज
स्कूल में स्टाफ हो या बच्चे सभी के वैक्सीनेशन को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। हमारा मकसद सुरक्षित माहौल के साथ बेहतर शिक्षा देना है। स्कूल में पुरानी रौनक फिर लौट चुकी है, छात्रों की उपस्थित बढ़ी है। लेकिन समय की जरूरत अनुसार हमने अपने तौर तरीके एवं नियमों का बदला है।
- नीरज अवस्थी
प्राचार्य माडर्न स्कूल
स्कूल एवं स्वास्थ्य दोनों ही छात्र छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए बदले समय की जरूरत अनुसार ही कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। अभी भी कई बच्चों एवं अभिभावकों के मन में कोरोना को लेकर डर व आशंकाएं रहती हैं, जोकि वाजिब हैं। हम सुरक्षित माहौल देने के लिए हर तरह प्रयासरत हैं।
- उमेश सेंगर प्राचार्य महर्षि स्कूल
कोविड केसों में कमी से राहत मिली है। लेकिन कोविड लौटने की संभावनाएं अभी भी हैं, ऐसे में सभी स्कूलों को गाइडलाइन का ध्यान देना चाहिए। एक अभिभावक के तौर पर हमारी कई चिंताएं रहती हैं। क्योंकि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। स्कूलों में बच्चों की कोविड से सुरक्षा का खास ध्यान दिया जाना चाहिए।विज्ञापन
- मनोज कटारिया संस्थापक गौतमबुद्धनगर अभिभावक संघ