आरोपियों ने अस्पताल के लिए आठ बाइक बुक कराने के नाम पर ठग लिए थे 2.63 लाख रुपये
गूगल सर्च करने पर आरोपियों ने किया था पीड़ित मैनेजर से संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ई-बाइक व ई-स्कूटी कम दामों पर देने की बात कहकर नामी अस्पताल के मैनेजर को ठगने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को झारखंड के धनबाद से दबोचा है। आरोपी की पहचान सम्मी कुमार अग्निहोत्री (35) के रूप में हुई है। दिल्ली के नामी अस्पताल को अपने स्टाफ के लिए कुछ ई-बाइक व ई-स्कूटी चाहिए थीं। इसके लिए मैनेजर ने गूगल की मदद से बेस्ट डील की तलाश की।
ठगों ने पीड़ित को बेहद कम दामों में बाइक देने की बात कहकर एडवांस और जीएसटी के नाम पर 2.63 लाख रुपये ठग लिए। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल नंबर बंद कर दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सम्मी को दबोच लिया। सम्मी गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। इसके बदले ठगी की रकम में से 20 से 30 फीसदी कमीशन मिलता था।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि पिछले दिनों द्वारका सेक्टर-10 के एक नामी अस्पताल के मैनेजर ने साइबर थाने में ठगी की एक शिकायत दर्ज कराई थी। उनको अस्पताल के लिए कुछ ई-बाइक व ई-स्कूटी खरीदनी थी। इसके लिए उन्होंने गूगल पर सर्च करना शुरू किया। इस बीच आरोपियों ने उनसे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को रेवोल्ट कंपनी का प्रतिनिधि बताकर 1.18 लाख में बाइक देने की बात की। बातचीत के बाद आठ बाइक के लिए 25 हजार रुपये एडवांस व जीएसटी के हिसाब से 2.63 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित की शिकायत लेने के बाद साइबर थाना प्रभारी जगदीश कुमार व अन्यों की टीम ने पड़ताल शुरू की। जिन खातों में कम गई और जिन मोबाइल नंबरों से पीड़ित से बात हुई, उनकी जांच में पता चला कि बैंक खाता सम्मी के नाम पर है। वह धनबाद में मौजूद है। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिए गए। इसके बाद टीम भेजकर तीन जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस उससे पूछताछ कर बाकी साथियों की तलाश कर रही है।
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यह हैं बचाव के कुछ तरीके
. अज्ञात नंबर से आए मैसेज पर कोई जवाब न दें। अंतरराष्ट्रीय नंबर से आए मैसेज से खासकर सावधान रहें।
. व्हाट्सएप, टेलीग्राम पर कोई ग्रुप बनाकर निवेश करने की बात करे तो उसे नजरअंदाज करें।
. गूगल पर सर्च करते समय बहुत सावधानी बरतें।
. यदि कोई भी भुगतान करने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहे तो न करें।
. सोशल मीडिया पर विदेशी बनकर दोस्ती करने वाले लोगों से खासकर सावधान रहें।
. कूरियर में आपत्तिजनक सामान भेजने की बात कहकर कोई कॉल करे तो नजरअंदाज करें।
. अज्ञात नंबर से आए किसी भी वीडियो कॉल को कभी न उठाएं।
. सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से दोस्ती करने से बचें।
. किसी को अपने बैंक खाते या उससे संबंधित कोई जानकारी न दें।
ठगी का शिकार हो जाएं तो यहां करें शिकायत
. 1930 नंबर पर कॉल करें। ऐसा करने से तुरंत आपकी ठगी की रकम को बैंक खाते में फ्रीज किया जा सकता है।
. नजदीकी पुलिस स्टेशन या जिले के साइबर पुलिस थाने जाकर अपनी शिकायत की जा सकती है।
. साइबर ठगी अगर 50 लाख से ज्यादा है तो इसकी शिकायत स्पेशल सेल की आईएफएसओ यूनिट में करें।
. ऑनलाइन www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दे सकते हैं।
. ठगी का शिकार होने पर National Cybercrime Reporting Portal (NCRP) पर भी शिकायत की जा सकती है।