पुन्हाना। गलघोंटू और खसरा के बाद मेवात में मलेरिया का मरीज पाया गया है। हाल ही में आकेड़ा गांव में मलेरिया का मामला सामने आने के बाद विभाग सचेत हो गया है। विभाग की ओर से रैपिड डायनोस्कि टेस्ट किट (आरडीटी) के जरिये मौके पर ही लोगों के मलेरिया की जांच की जा रही है। उन्हाेंने बताया कि इस किट से मात्र 15 मिनट में ही मलेरिया का पता लग जाता है। मलेरिया पीएफ मिलने पर तीन दिन और पीवी के मरीज पाए जाने पर आशा वर्कर की निगरानी में उनका 14 दिन तक गांव में ही इलाज किया जाएगा। अहम है कि मलेरिया को लेकर प्रदेश की अतिसंवेदनशील सूचि में नूंह जिला शामिल है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉक्टर विक्रम ने बताया कि गत वर्ष नूंह जिला के उजीना, संगेल, रानीका, निजामपुर में मलेरिया के मामले सामने आए थे। उन्होंने बताया कि नूंह को मलेरिया मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 6 से 21 अप्रैल तक महाअभियान चलाकर तीन प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) के 62 गांवों के 26695 घरों की 1. 85 लाख जनसंख्या को कवर करने के लिए विभाग ने 72 टीमों का गठन किया था। पीएचसी उजीना, सूड़ाका और बाई में आशा वर्कर व अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक कर सख्त हिदायतें दी गई है। जिन गांवों में मलेरिया के मामले सामने आए है उनके जांच की जा रही है और रविवार से छिड़काव शुरू कर दिया जाएगा।
जांच के लिए 72 टीमें गठित
नूंह खंड के गांव सुड़ाका, बाई और उजीना में घर-घर जाकर जांच करने के लिए 72 टीमों का गठन किया गया हैं। एक टीम में एमपीएचडब्ल्यू मेल व आशा वर्कर शामिल होंगे। एक टीम एक दिन में कम से कम 40 से 45 घरों की जांच करेगी।
धर्मस्थलों से लोगों को करेंगे जागरूक
महाअभियान से पहले और अभियान के दौरान गांव के लोगों को मस्जिद और मंदिर में लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। वहीं गांव के सरपंच के सहयोग से गांवों में फॉगिंग कराया जाएगा।
2015 से 2021 तक मलेरिया का प्रकोप
वर्ष कुल मामले मौत
2015 6638 3
2016 5075 00
2017 3645 00
2018 1968 00
2019 942 00
2020 24 00
2021 04 00
2022 01 00
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