Make arrangements for drinking water for wildlife, after the death of the leopard, the team of the forest department arrived in the Aravalli area to inspect, gave instructions
तावडू। उपमंडल के गांव पढे़नी में शनिवार को मिले घायल नर तेंदुए की मौत के बाद वन विभाग और वन्य जीव कर्मचारी सतर्क हो गए हैं। रविवार को वन विभाग संरक्षक वासवी त्यागी अरावली क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने अपनी टीम के साथ लगभग 6 घंटे तक वन क्षेत्र में बारीकी से निरीक्षण करने के बाद संबंधित कर्मचारियों को वन्यजीवों के लिए पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
तावडू वन विभाग के ब्लॉक निरीक्षक सोमबीर सिवाच ने बताया कि रविवार सुबह करीब 10 बजे वन संरक्षक वासवी त्यागी उपमंडल के गांव कोटा वन क्षेत्र में पहुंचे। इसके बाद गांव सराय, खरक जलालपुर, भंगवो, चाहल्का ग्राम पंचायत सहसोला सहित सोहना और गुरुग्राम से लगते अरावली क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुविधाओं और सुरक्षा की जानकारी ली। करीब 20 सदस्यों की टीम के साथ उन्होंने वन्यजीवों की सुविधाओं को देखते हुए वन क्षेत्र में उनके लिए पेयजल सुनिश्चित करने संबंधित जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग की ओर से और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। प्राथमिकता के तौर पर वन्यजीवों को बचाने में प्रयास और सहयोग किया जाएगा। ब्लॉक वन अधिकारी के मुताबिक, अरावली संरक्षण से संबंधित भारत सरकार को दिल्ली में एक रिपोर्ट और प्रस्तुति फरवरी माह के शुरुआत में वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। प्रस्तुति रिपोर्ट देने से पहले संबंधित कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
रीड़ की हड्डी टूटने से हुई मौत
वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त प्रधान और मुख्य वन्य प्राणी संरक्षक महेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि शनिवार को तावडू उपमंडल के अंतर्गत पढे़नी केएमपी फ्लाईओवर के पास ड्ढे में मिले घायल नर तेंदुए को भरसक प्रयास के बावजूद बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि तेंदुए की रीड़ की हड्डी बुरी तरह टूट गई थी। इसके अलावा शरीर के पिछले हिस्से में कई चोटें लगी थी। वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा रोहतक चिड़ियाघर में उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। विभाग की ओर से वन्यजीव बचाने के लिए और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फोटो