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एक साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को उम्रकैद

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ग्रेटर नोएडा। जिला अदालत ने बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में एक साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कर शव फेंकने के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बच्ची का शव घर से कुछ दूर मिला था। इस कारण केस में शव छुपाने की धारा भी लगाई गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल पॉक्सो प्रथम न्यायाधीश निरंजन कुमार ने दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का भी आदेश दिया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर ढाई वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन अधिकारी नीटू बिश्नोई ने बताया कि वर्ष 2017 में पीड़ित पिता ने बादलपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि 22 जुलाई 2017 की दोपहर एक बजे उसकी एक साल की बेटी घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान घर के सामने रहने वाला विजय उर्फ बिज्जू आया। आरोप था कि बिज्जू खिलाने के बहाने उनकी बेटी को ले गया। बिज्जू मासूम को रेलवे लाइन के पास ले गया और दुष्कर्म कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को छुपाकर वापस आ गया।
काफी पूछताछ करने के बाद बिज्जू ने चकरोड के पास भरे पानी में शव फेंकने की जानकारी दी। सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। अदालत ने केस की सुनवाई की और 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों के बयान, साक्ष्य और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने बिज्जू को दुष्कर्म, हत्या, शव छुपाने, पॉक्सो एक्ट आदि में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। बताया गया है कि पीड़िता का परिवार दूसरे धर्म से ताल्लुक रखता था। पड़ोसी होने के नाते मासूम की मां ने बिज्जू पर विश्वास किया और अपनी बेटी को उसके सुपुर्द कर दिया। बिज्जू बच्ची को गोद में उठाकर ले गया और दरिंदगी के बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया।
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दोषी के मानसिक रूप से बीमार होने का दावा खारिज
अभियोजन अधिकारी नीटू बिश्नोई ने बताया कि दोषी पक्ष की ओर से अदालत में दावा किया गया था कि बिज्जू मानसिक रूप से बीमार है। इस पर सीएमओ की अध्यक्षता में चिकित्सीय बोर्ड गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बोर्ड में मनोरोग चिकित्सक भी शामिल थे। रिपोर्ट के आधार अदालत ने मानसिक बीमार होने के दावे को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान कहा गया कि यदि बिज्जू मानसिक रूप से बीमार होता तो मां अपनी बच्ची को उसे नहीं सौंपती। वहीं, जिला कारागार की तरफ से भी इस तरह की जानकारी नहीं दी गई। यह भी कहा गया कि बिज्जू ने योजनाबद्ध ढंग से बच्ची से दुष्कर्म किया और हत्या कर शव को छुपा दिया। अभियुक्त दूषित और घृणित मानसिकता का व्यक्ति है। इसे सभ्य समाज में विचरण के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।
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