ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित लॉयड लॉ कॉलेज में शनिवार को प्रोफेसर एनआर माधव मेनन एशियन जुरल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एएम खानविलकर ने विद्यार्थियों से कहा कि कानूनी पेशे में प्रक्रिया कुछ लंबी हो सकती है, लेकिन अपने संघर्षों और प्रयासों से कभी निराश नहीं होना चाहिए। अंतत: यह आपके व्यक्तित्व और सामर्थ्य को बढ़ाएगा। नवोदित वकीलों के लिए यह बदलाव का समय है। इस दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल और सुप्रीम कोर्ट ऑफ नेपाल की न्यायाधीश सपना प्रधान ने भी विद्यार्थियों को टिप्स दिए।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल ने ऑनलाइन मोड के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ऑनलाइन मोड में काम करने के अपने अनुभव, वर्तमान स्थिति में इसकी आवश्यकता और आने वाले वर्षों में इसके महत्व को साझा किया। इसके साथ ही एआई और प्रौद्योगिकी से संबंधित खतरों को भी साझा किया। इस दौरान एशिया के लॉ छात्रों के मध्य मूट कोर्ट प्रतियोगिता और सम्मेलन व न्यायिक गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय विधि संस्थान के प्रोफेसर एस. शिव कुमार, सर्वोच्च न्यायालय पूर्व सदस्य और अधिवक्ता आर वेंकटरमणि और जीजीएसआईपी विवि के प्रोफेसर डॉ. लिसा पी. लकोस मौजूद रहे।